कोलकाता की एक कोर्ट ने धनशोधन के एक मामले में गिरफ्तार शाहजहां शेख को सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय की 13 दिन की हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसी ने शेख को पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में मछली पालन के कारोबार की आड़ में धन की कथित हेराफेरी को लेकर दर्ज धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया था।
इससे पहले राशन घोटाले और संदेशखाली कांड के मास्टरमाइंड और निलंबित तृणमूल नेता शेख शाहजहां को ईडी ने सोमवार कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट की ईडी की विशेष अदालत में पेश किया। कोर्ट में ईडी के वकील ने दावा किया कि देश की खातिर, संदेशखाली के लोगों की खातिर शाहजहां को हिरासत में लेना जरूरी है, नहीं तो यह अभिशाप हो जाएगा। बता दें कि गत 30 मार्च को ईडी ने राशन घोटाले में शाहजहां को गिरफ्तार किया था।
ईडी ने कोर्ट को बताया कि शाहजहां शेख अपने सहयोगियों की मदद से आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करता था और उस पर झींगा पालन करता था। इस व्यवसाय की आड़ में उसने राशन घोटाले की करीब 31.20 करोड़ रुपये की काली कमाई को सफेद किया। इसके लिए उसने अपनी शेख सबीना के नाम पर एक कंपनी भी खोल रखी थी।
ईडी ने दावा किया कि शाहजहां ही संदेशखाली में सिंडिकेट चला रहा था। उसके करीबी सहयोगियों की पहचान इस सिंडिकेट के सदस्यों के रूप में की गई है। सूत्रों के मुताबिक, अब ईडी अवैध रूप से जमीन कब्जा करने और उस पर झींगे का व्यवसाय करने के लिए शाहजहां शेख पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शिकंजा कसना चाहती है। वहीं दूसरी ओर बशीरहाट जिला अदालत में संदेशखाली कांड में गिरफ्तार तीन लोगों ने गुप्त बयान दिए हैं। शाहजहां की पेशी के दौरान वकीलों के एक समूह ने उसे फांसी देने की मांग करते हुए नारे लगाए।
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस से निलंबित शेख को ईडी ने बशीरहाट जेल में शनिवार को गिरफ्तार किया था। शेख को एक अन्य धनशोधन मामले में पांच जनवरी को संदेशखाली में तलाशी के दौरान एजेंसी के अधिकारियों पर भीड़ के हमले के मामले में जेल में रखा गया था। इससे पहले शनिवार को संदेशखाली में जमीन हड़पने के मामले में शाहजहां शेख से बशीरहाट जेल में पूछताछ की गई थी। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बशीरहाट कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ईडी अधिकारियों की एक टीम ने जेल के अंदर उनसे चार घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।
यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए महिलाओं के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद 55 दिनों तक फरार रहने के बाद शेख को 29 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले 5 जनवरी को कथित राशन घोटाले में उनके घर की तलाशी लेने गई ईडी की टीम पर भीड़ के हमले जाने के बाद वह फरार हो गए थे। शेख फिलहाल केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों पर हमले के सिलसिले में जेल में बंद है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 6 मार्च को हमले का मामला सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया था।