ईडी ने आरोपपत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के अलावा उनके करीबी सहयोगी एस भास्कररमन और कुछ अन्य लोगों का नाम शामिल किया है। अदालत ने इस मामले को 16 मार्च के लिए सूचीबद्ध किया है।
कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब 2011 में चीनी नागरिकों के लिए कथित तौर पर वीजा जारी करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने नई चार्जशीट दाखिल की है। सूत्रों ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्ति के अलावा कुछ अन्य लोगों का नाम भी आरोपपत्र में है।
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ईडी ने आरोपपत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के अलावा उनके करीबी सहयोगी एस भास्कररमन और कुछ अन्य लोगों का नाम शामिल किया है। अदालत ने इस मामले को 16 मार्च के लिए सूचीबद्ध किया है।
गौरतलब है कि कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु की शिवगंगा सीट से लोकसभा सांसद हैं और एजेंसी ने इस मामले में कई बार उनका बयान दर्ज किया है। वहीं, कार्ति चिदंबरम ने इससे पहले कहा था कि उन्होंने मामले से संबंधित सभी दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंप दिए हैं। कार्ति ने मामले को फर्जी करार देते हुए कहा था कि उन्होंने एक भी चीनी नागरिक की वीजा प्रक्रिया में मदद नहीं की है। उन्होंने कहा था कि यह मामला उनके जरिए उनके पिता पी चिदंबरम को निशाना बनाने की कोशिश है।
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गौरतलब है कि पीएमएलए के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया मनी लॉन्ड्रिंग मामला सीबीआई की एफआईआर से सामने आया था।
सीबीआई की दर्ज एफआईआर में जांच वेदांत समूह की कंपनी टीएसपीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा कार्ति और उनके करीबी सहयोगी एस भास्कररमन को रिश्वत के तौर पर 50 लाख रुपये दिए जाने के आरोपों से संबंध हैं, जो पंजाब में एक बिजली संयंत्र स्थापित कर रही थी। सीबीआई के मुताबिक बिजली परियोजना लगाने का काम चीन की एक कंपनी द्वारा किया जा रहा था। टीएसपीएल के कार्यकारी ने 263 चीनी श्रमिकों के लिए प्रोजेक्ट वीजा फिर से जारी करने की मांग की थी, जिसके लिए 50 लाख रुपये का लेन-देन हुआ था।
बता दें सीबीआई ने पिछले साल कार्ति चिदंबरम से जुड़ी संपत्तियों पर छापेमारी की थी, इस दौरान भास्कररमन को गिरफ्तार किया गया था। वहीं मामले में कार्ति चिदंबरम से पूछताछ की गई थी। पिछले कुछ वर्षों से ईडी द्वारा आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल-मैक्सिस मामलों की जांच के साथ कार्ति के खिलाफ यह तीसरा मनी लॉन्ड्रिंग मामला है।