पेंशनरों की राशि में हेराफेरी करने के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक सेवानिवृत्त ईपीएफओ अधिकारी की 1.13 करोड़ रुपये संपत्ति जब्त कर ली है। उसने आंध्र प्रदेश में अपने निजी खातों में पेंशनरों की 1.64 करोड़ रुपये की राशि को अवैध रूप से स्थानांतरित कर लिया था।
दिल्ली में ईडी ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के कडप्पा उप-क्षेत्रीय कार्यालय से सेवानिवृत्त सुपरवाइजर कोंडापल्ली सत्यनारायण राव और उनके परिवार के सदस्यों की 1.13 करोड़ रुपये की संपत्ति मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जब्त की गई। इसमें 98.68 लाख रुपये के आवासीय फ्लैट और 12.64 लाख रुपये की बैंक में जमा राशि शामिल है।
ईडी ने जांच में पाया पेंशन राशि की हेराफेरी के लिए बैंक समाधान विवरण (बीआरएस) डाटा में छेड़छाड़ की गई थी। आरोपी ने फर्जी बैंक खाता संख्या और फर्जी नाम भरकर पेंशन राशि की हेराफेरी की। जांच में पाया गया कि 2011 से 2014 के बीच कुल 1.64 करोड़ रुपये की राशि को आरोपी और उसके करीबी रिश्तेदारों के खातों में जमा किया गया।
ईडी ने राव और उसके परिवार के खिलाफ हैदराबाद स्थित सीबीआई के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। इसी के तहत संपत्ति जब्त की गई।