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ईडी की कार्रवाई: धनशोधन मामले में कुर्क की चीनी मिल, अजीत पवार की कंपनी से बताया संबंध

Thu, 01 Jul 2021 11:05 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली

सार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा है कि कथित महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (एमएससीबी) घोटाले में धनशोधन रोधी कानून के तहत करीब 65 करोड़ रुपये मूल्य की एक चीनी मिल कुर्क की गई है। एजेंसी ने कहा कि इस मामले में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और उनकी पत्नी से जुड़ी एक कंपनी मामले में संलिप्त है।
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प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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ईडी ने कहा कि सतारा जिले में चिमनगांव-कोरेगांव में स्थित जरांदेश्वर सहकारी सुगर कारखाना (जरांदेश्वर एसएसके) की जमीन, भवन, ढांचे, संयंत्र और मशीनरी को कुर्क करने के लिए धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की संबंधित धाराओं के तहत अंतरिम आदेश जारी किया गया है। जांच एजेंसी ने कहा कि यह 65.75 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति है और यह 2010 में उसका क्रय मूल्य था।

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ईडी ने कहा, 'यह संपत्ति फिलहाल गुरू कमोडिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (एक कथित नकली कंपनी) के नाम से है और जरांदेश्वर एसएसके को पट्टे पर दी गई है। स्पार्कलिंग स्वाइल प्राइवेट लिमिटेड की जरांदेश्वर सुगर मिल्स में बहुअंशधारिता है। जांच में पता चला है कि पिछली कंपनी का संबंध महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और उनकी पत्नी सुनेत्र अजीत पवार से जुड़ी एक कंपनी से है।'

यह पीएमएलए मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा 2019 में दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित है। इसमें आरोप लगाया गया था कि एसएसके को एमएससीबी के तत्कालीन अधिकारियों व निदेशकों ने गलत तरीके से अपने रिश्तेदारों को औने-पौने दाम पर बेच दिया और ऐसा करते हुए एसएआरएफएईएसआई अधिनियम के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। 
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ईओडब्ल्यू ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की थी। उल्लेखनीय है कि वित्तीय परिसंपत्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हितों का प्रवर्तन कानून (एसएआरएफएईएसआई) के प्रावधानों के तहत बैंक अपना ऋण वसूलने के लिए अचल संपत्तियां बेच सकते हैं।

ईडी ने कहा, 'अजीत पवार उस समय पर एमएससीबी के निदेशक मंडल में अहम और प्रभावी सदस्य थे। एसएसके को गुरू कमोडिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदा जिसे तत्काल जरांदेश्वर सुगर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड को पट्टे पर दे दिया गया और यह कंपनी ही फिलहाल जरांदेश्वर एसएसके को चला रही है।' एजेंसी ने कहा कि एसएसके को खरीदने में लगी रकम का 'बड़ा हिस्सा' जरांदेश्वर सुगर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड से आया और इस कंपनी के पास यह राशि स्पार्कलिंग स्वाइल प्राइवेट लिमिटेड से आई थी। स्पार्कलिंग स्वाइल प्राइवेट लिमिटेड का संबंध अजीत पवार  उनकी पत्नी से है।

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