प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन की एक जांच के सिलसिले में केरल स्थित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
19 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में भेजा गया
अधिकारियों ने बताया कि एमके अशरफ को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत मंगलवार को यहां गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि उसे बुधवार को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 19 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।
ईडी ने दिसंबर में छापा मारने के बाद एक बयान में कहा था कि जब्त दस्तावेज "केरल में विभिन्न परियोजनाओं के माफर्त पीएफआई द्वारा धनशोधन गतिविधियों करने का इशारा करते हैं।’’
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने अशरफ की गिरफ्तारी को "संगठन के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा" करार दिया। पीएफआई ने कहा कि "पॉपुलर फ्रंट के केरल राज्य कार्यकारी परिषद के सदस्य एमके अशरफ की गिरफ्तारी, पिछले कुछ वर्षों से संगठन के नेताओं और सदस्यों के खिलाफ एजेंसी द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न का हिस्सा है।"
पीएफआई के प्रवक्ता ने कहा, "चार साल पहले संगठन के खिलाफ जानबूझकर पीएमएलए के तहत एक झूठा मामला दर्ज किया गया था। ईडी को जांच में भी संगठन के खिलाफ कुछ भी नहीं मिला है, लेकिन संदिग्ध आधार पर छापेमारी, उत्पीड़न और गिरफ्तारी जारी है।" बता दें कि इस्लामिक संगठन पीएफआई का गठन 2006 में केरल में हुआ था और इसका मुख्यालय दिल्ली में है।
पिछले साल दिसंबर में कुछ अन्य पीएफआई पदाधिकारियों के अलावा, मुवत्तुपुजा (केरल के एर्नाकुलम जिला) में अशरफ के आवास पर संघीय एजेंसी ने छापा मारा था। पीएफआई ने कहा कि एजेंसी ने यहां अशरफ से कई बार पूछताछ की और मंगलवार को पूछताछ के बाद आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
ईडी ने दिसंबर में छापेमारी के बाद एक बयान में कहा था कि जब्त किए गए दस्तावेज "केरल में विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पीएफआई की मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के बारे में संकेत देते हैं, जिसमें मुन्नार विला विस्टा परियोजना भी शामिल है, जिसे पीएफआई नेताओं द्वारा भारत और विदेशों में उत्पन्न अपराध से आय के शोधन के लिए बनाया जा रहा है।