प्रत्याशियों के अपराधिक इतिहास को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को एक पत्र लिखा है। इसमें इसे लेकर एक फंड बनाए जाने की जानकारी दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले देश के राजनीतिक दलों को निर्देश दिया था कि वह अपने प्रत्याशियों के आपराधिक इतिहास से संबंधित जानकारी अपनी वेबसाइट के होमपेज पर उपलब्ध कराएं। वहीं, अब भारतीय निर्वाचन आयोग ने मान्यता प्राप्त दलों के अध्यक्षों को लिखा है कि वह आयोग ने एक फंड बनाया है जिनमें शीर्ष अदालत के निर्देशों का पालन करने में विफल रहने पर अदालत की अवमानना के लिए लगाए गए जुर्माने को जमा किया जा सकता है।
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बता दें कि देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को लिखे गए इस पत्र में निर्वाचन आयोग ने उन्हें यह भी याद दिलाया है कि निर्वाचन आयोग को सुप्रीम कोर्ट की ओर से यह निर्देश मिला है कि देश के हर मतदाता को उसके निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशियों की आपराधिक गतिविधियों को जानने के अधिकार को लेकर जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। इस काम के लिए चार सप्ताह के अंदर एक फंड का गठन किया जाना था।