निर्वाचन आयोग ने सभी सात राष्ट्रीय दलों और 49 क्षेत्रीय दलों को ईवीएम में छेड़छाड़ साबित करने लिए आमंत्रित किया है। इससे पहले आयोग ने कहा था कि वह हाल के चुनाव में भाग लेने वाले सभी मान्यता प्राप्त दलों को बुलाएगा।
इनमें से कुछ दलों ने ईवीएम में छेड़छाड़ कर परिणाम को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। 3 जून से शुरू हो रहे इस आयोजन में प्रत्येक दल को तीन सदस्य रखने की छूट होगी। हालांकि इस कार्यक्रम में विदेशी विशेषज्ञों को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
चुनौती को स्वीकार करते हुए अब चुनाव आयोग ने सातों राष्ट्रीय दलों- भाजपा, बसपा, कांग्रेस, माकपा, भाकपा, एनसीपी और टीएमसी व आम आदमी पार्टी सहित 49 क्षेत्रीय दलों को पत्र लिखा है। बसपा और आप ने सबसे पहले ईवीएम की विश्वसनीय पर सवाल उठाया था।
बसपा सहित अन्य कई दलों ने चुनाव आयोग से आग्रह किया था कि मशीन पर से लोगों का भरोसा टूटा है इसलिए बैलेट पेपर प्रणाली को वापस लाया जाए। आयोग प्रत्येक दल की पसंद की हाल में संपन्न विधानसभाओं के चुनाव की चार-चार मशीनें देगा। इसके साथ ही उन्हें हैक करने के लिए चार घंटे का समय देगा।