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SCO Council Meeting: विदेश मंत्री जयशंकर बोले- कनेक्टिविटी से जुड़ी हर पहल संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने वाली हो

Thu, 25 Nov 2021 06:11 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) परिषद की 20वीं बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कनेक्टिविटी से जुड़ी पहलों के लिए जरूरी तथ्यों का ध्यान रखने की बात कही और भारतीय स्टार्टअप्स के प्रदर्शन की सराहना की। वहीं, विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारत, रूस और चीन के विदेश मंत्री शुक्रवार को वार्ता करने वाले हैं।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : twitter.com/DrSJaishankar
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को एससीओ परिषद के राष्ट्राध्यक्षों (सीएचजी) की 20वीं बैठक में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने कहा कि कनेक्टिवटी से जुड़ी हर गंभीर पहल विचारणीय, पारदर्शी और भागीदारी वाली जरूर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की हर पहल अंतरराष्ट्रीय कानून के सबसे बुनियादी सिद्धांत के अनुरूप होनी चाहिए, जो कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना है।

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जयशंकर ने यहां भारत के स्टार्टअप की ओर से छुए गए मील के पत्थरों और कीर्तिमानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अभी तक भारतीय स्टार्टअप 65 यूनिकॉर्न कंपनियां बना चुके हैं, इनमें से 28 का निर्माण अकेले 2021 में हुआ है। स्टार्टअप और इनोवेशन पर एक विशेष कार्य समूह का गठन करने के लिए हम अपनी पहल के जरिए एससीओ सदस्य द्शों के साथ अपने अनुभव साझा करने के लिए तैयार हैं। 

इस बैठक का आयोजन वर्चुअल माध्यम से नूर सुल्तान में हो रहा है और कजाकिस्तान इसकी अध्यक्षता कर रहा है। भारत की ओर से इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बता दें कि एससीओ सदस्य देशों के व्यापार और आर्थिक एजेंडे पर आधारित एससीओ सीएचजी बैठक का आयोजन हर साल किया जाता है।

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शुक्रवार को बैठक करेंगे भारत, चीन और रूस के विदेश मंत्री

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी व रूसी समकक्ष सर्गी लेवरोव शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से एक बैठक में शामिल होंगे। यह बैठक रूस-भारत-चीन (आरसीआई) त्रिपक्षीय फ्रेमवर्क के तहत आयोजित की जा रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार एस जयशंकर इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

माना जा रहा है कि तीनों नेता इस दौरान पारस्परिक हितों के क्षेत्रीय मुद्दों के साथ अफगानिस्तान में हालात पर चर्चा करेंगे। पिछले साल सितंबर में मॉस्को में हुई त्रिपक्षीय वार्ता के बाद आरसीआई की अध्यक्षता भारत को मिली थी। अब शुक्रवार की बैठक के बाद जयशंकर इसकी अध्यक्षता अगले एक साल के लिए चीन के विदेश मंत्री वांग यी को सौंपेंगे।
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