केंद्र ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के 100 दिवसीय एजेंडे के तहत अपने सभी संबंद्ध, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों में ई-कार्यालय लागू करने का फैसला किया है। एक आधिकारिक बयान में गुरुवार को यह जानकारी दी गई।
इसमें कहा गया, 2019 से 2024 के बीच केंद्रीय सचिवालय में ई-कार्यालय को अपनाने में 37 लाख फाइलों के साथ महत्वपूर्ण गति मिली। यानी 94 फीसदी फाइलों को ई-फाइल के रूप में संभाला जा रहा है। इसके साथ ही 95 फीसदी रसीदों को ई-रसीद के रूप में संभाला जा रहा है।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी जारी बयान में कहा गया, केंद्रीय सचिवालय में ई-कार्यालय प्लेटफॉर्म की सफलता को देखते हुए सरकार ने फैसला किया है कि डीएआरपीजी के 100 दिनों के एजेंडे के हिस्से के रूप मं भारत के सभी संबंद्ध, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों में ई-कार्यालय लागू किए जाएंगे। इसमें यह भी कहा गया है कि मत्रालयों के बीच परामर्श के बाद क्रियान्वयन के लिए 133 संबद्ध, अधीनस्थ और स्वायत्त निकायों की पहचान की गई है।
डीएआरपीजी ने 24 जून 2024 को संबद्ध, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों में ई-कार्यालय को अपनाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे।
बयान में कहा गया है कि डीएआरपीजी सचिव वी.श्रीनिवास की अध्यक्षता में एक अंतर-मंत्रालयी बैठक में रोडमैप और तकनीकी तौर-तरीकों पर चर्चा की गई। इस बैठक में सभी मंत्रालयों व विभागों के अधिकारियों और 133 संबद्ध, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में यह भी फैसला किया गया कि सरकार के 100 दिन के एजेंडे के तहत सभी मंत्रालय/विभाग अपने संबद्ध, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों के साथ समन्वय करेंगे और नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे, डाटा केंद्र स्थापित करेंगे और समयबद्ध तरीके से ई-कार्यालय के लिए लाइसेंस की संख्या के बारे में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को जानकारी देंगे।