गोवा की अगासाइम पुलिस ने अप्रैल 2024 में हत्या के प्रयास के आरोप में 18 साल के युवक को गिरफ्तार किया था। युवक ने सेशन कोर्ट ने जमानत के लिए याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत ने 50 हजार रुपये के बांड के साथ पासपोर्ट जमा करने की शर्त के साथ जमानत मंजूर की।
हत्या के प्रयास के आरोपी को जमानत देने के लिए सेशन कोर्ट ने अजीबो-गरीब आदेश दिया। कोर्ट ने आरोपी युवक से जमानत के लिए पासपोर्ट जमा करने के लिए कहा। जब आरोपी ने पासपोर्ट न होने की बात कही तो कोर्ट ने चार महीने में आवेदन करके पासपोर्ट बनवाने और उसे जमा करने का आदेश दिया। मामले में युवक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने सेशन कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। एकल पीठ के न्यायाधीश भारत देशपांडे ने कहा कि सेशन कोर्ट का यह आदेश पूरी तरह से आसामान्य है।
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गोवा की अगासाइम पुलिस ने अप्रैल 2024 में हत्या के प्रयास के आरोप में 18 साल के युवक को गिरफ्तार किया था। युवक ने सेशन कोर्ट ने जमानत के लिए याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत ने 50 हजार रुपये के बांड के साथ पासपोर्ट जमा करने की शर्त के साथ जमानत मंजूर की। जब आरोपी युवक ने पासपोर्ट न होने की बात कही तो कोर्ट ने संशोधन करते हुए युवक को चार महीने में आवेदन करके पासपोर्ट बनवाने और उसे जमा करने के लिए कहा।
मामले में आरोपी युवक ने हाईकोर्ट ने याचिका दायर की। इस पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच की एकल पीठ के न्यायाधीश भारत देशपांडे ने निचली अदालत के आदेश को खारिज कर दिया। न्यायाधीश देशपांडे ने कहा कि सेशन कोर्ट के पास जमानत देने के लिए किसी भी व्यक्ति पर पासपोर्ट के लिए आवेदन करने, उसे बनवाने और फिर उसे जमा करने का आदेश देने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने आरोपी युवक को जमानत देने के लिए पहले तो असामान्य सी शर्त लगाई, जब आरोपी ने इसमें संशोधन के लिए कहा तो अतिरिक्त न्यायाधीश ने अपने अधिकारों से बाहर जाकर आदेश दिया।
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हाईकोर्ट ने आरोपी की पासपोर्ट जमा करने की शर्त के निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सेशन कोर्ट को शर्त को छूट के लिए किए गए आवेदन पर विचार करना चाहिए था। साथ ही याचिकाकर्ता को पासपोर्ट यदि हो तो जमा करने आदेश देना चाहिए था।