मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी (file photo)
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि कुछ राजनीतिक तत्व राज्य के युवाओं की पहचान नशेबाज के रूप में बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वह उन आरोपों का जिक्र कर रहे थे जिसमें राज्य को गांजा की खेती का गढ़ बताया जा रहा है। इसे लेकर विपक्षी नेता एन चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है।
सीएम ने कहा, अपराध नया रूप ले रहा है
विजयवाड़ा के इंदिरा गांधी नगर निगम स्टेडियम में पुलिस स्मरण दिवस पर मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि अपराध नया रूप ले रहा है। राजनीतिक दल कल्याणकारी गतिविधियों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। अपशब्दों का इस्तेमाल कर असामाजिक बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टियां मूर्तियों को नष्ट करके, मंदिरों में रथ जलाकर राज्य में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। वे जातियों और धर्मों के बीच दरार पैदा कर रहे हैं।
सीएम जगनमोहन ने झूठ और विकृतियां फैलाने के लिए मीडिया के एक वर्ग की आलोचना करते हुए कहा कि ये सरकार की लोकप्रियता को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करने की हद तक चले गए हैं जो एक संवैधानिक प्रमुख है। साथ ही सवाल किया कि क्या ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना सही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे (विपक्षी) आंध्र प्रदेश के युवाओं को नशेड़ी के रूप में ब्रांड करने की कोशिश कर रहे हैं और यह सबसे गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि राजस्व खुफिया निदेशालय, आंध्र प्रदेश के डीजीपी और विजयवाड़ा पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि आंध्र प्रदेश का ड्रग मामलों से कोई संबंध नहीं है। निहित स्वार्थों वाले कुछ लोग राज्य सरकार के खिलाफ साजिश रचने के लिए इसका प्रचार कर रहे हैं।