कांग्रेस में जारी अंदरुनी घमासान के बीच पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पार्टी के नेताओं से आग्रह किया है कि वे आंतरिक मामलों को सार्वजनिक न करें, इससे जमीनी कार्यकर्ता आहत होते हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बुधवार को पार्टी के कामकाज के तरीकों और पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात को लेकर सवाल उठाए थे। इसके मद्देनजर पवन खेड़ा ने गुरुवार को अहमदाबाद में यह बात कही।
भाजपा व कांग्रेस में बताया अंतर
खेड़ा ने कहा कि अनुशासन के लिए आंतरिक मामलों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जानी चाहिए और उन्हें उचित मंच पर ही उठाया जाना चाहिए। करोड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता इस तरह की हरकतों के कारण दुखी हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को ऐसे मामलों पर उचित मंच पर चर्चा करनी चाहिए, सार्वजनिक रूप से नहीं। भाजपा और कांग्रेस में अंतर है। हमारी पार्टी में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कोई प्रतिबंध नहीं है, हमारे नेताओं को एक उचित मंच पर अपनी राय रखने की जरूरत है।
पारिवारिक विवाद में छत पर जाकर नहीं चिल्लाते
कांग्रेस प्रवक्ता ने वरिष्ठ नेताओं के रवैये की परोक्ष आलोचना करते हुए कहा कि अगर आपका पारिवारिक विवाद होता है, तब भी आप इसे आंतरिक रूप से सुलझाना पसंद करेंगे या अपने पड़ोसी की छत पर जाकर इसके बारे में बात करेंगे? अनुशासन होना चाहिए, जो एक परिवार, एक संगठन और एक देश को चलाने के लिए आवश्यक है।
सिब्बल ने उठाए थे सवाल
बता दें, बुधवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने पंजाब में हो रही घटनाओं के मद्देनजर हाईकमान पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि पार्टी कार्यकर्ताओं को यह नहीं पता कि पूर्णकालिक अध्यक्ष की अनुपस्थिति में कौन निर्णय ले रहा है? सिब्बल उस ‘जी-23’ का हिस्सा हैं, जिन्होंने पिछले साल सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी। इसके बाद सिब्बल के घर के बाहर प्रदर्शन की खबरें आई हैं।