'मेरी चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं'
उन्होंने कहा, दशकों से कांग्रेस पार्टी ने मुझे और मेरे परिवार को बहुत कुछ दिया है। जम्मू-कश्मीर में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) प्रभारी के रूप में अपनी मौजूदा जिम्मेदारी और गुजरात में पार्टी के प्रभावी चुनाव प्रचार पर विचार करते हुए मैं विनम्रतापूर्वक आलाकमान को बताना चाहता हूं कि मेरी चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं है। फिर भी कांग्रेस का आजीवन सिपाही होने के नाते मैं केंद्रीय नेतृत्व के किसी भी फैसले को मानूंगा और उसका पालन करूंगा।
यूपीए-2 में संभाला केंद्रीय मंत्री का जिम्मा
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री माधव सिंह सोलंकी के बेटे भरत ने 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में आणंद सीट से जीत हासिल की थी। उन्होंने यूपीए-2 सरकार में केंद्रीय उर्जा और रेल राज्य मंत्री के रूप में काम किया। वह 2015 से 2018 तक गुजरात कांग्रेस के प्रमुख रहे।
लगातार दो लोकसभा चुनाव हारे
2014 और 2019 के आम चुनाव में उन्हें भाजपा उम्मीदवारों से हार का सामना करना पड़ा। 2019 में आणंद सीट पर भाजपा के मितेश पटेल ने भरत सिंह सोलंकी को 1.97 लाख से ज्यादा मतों के अंतर से हराया था। भाजपा ने आणंजद सीट से मिथेश पटेल को फिर से उम्मीदवार बनाया है। जबकि कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।