प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जी-20 आयोजन की सफलता का श्रेय जमीनी स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों को जाता है। पीएम मोदी ने जी-20 के सफल आयोजन के लिए मिल रही प्रशंसा को रेखांकित करते हुए पुलिस, सफाईकर्मी, ड्राइवर, वेटर से लेकर बड़े अफसरों और मंत्रियों को इसके लिए धन्यवाद दिया। कहा, आज का कार्यक्रम मजदूरों की एकता के बारे में है। आप और मैं दोनों मजदूर हैं।
पीएम मोदी ने शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों से अनौपचारिक रूप से बैठने और अपने-अपने विभागों के अनुभव साझा करने को कहा। उन्होंने कहा, एक बार जब हम दूसरों के प्रयासों को जान लेते हैं, तो ऐसे प्रयास हमें बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं। पीएम ने कहा, उद्यम के महत्व की भावना और हर किसी में उस उद्यम का मुख्य हिस्सा होने की भावना ही ऐसे बड़े आयोजनों की सफलता का रहस्य है। पीएम के साथ इस बातचीत में 3000 लोग मौजूद थे।
पीएम ने इस दौरान वैश्विक स्तर पर आपदाओं के दौरान बचाव में भारत के योगदान को देश के बढ़ते आत्मविश्वास का सबूत बताया। उन्होंने नेपाल में भूकंप, फिजी में चक्रवात, श्रीलंका, मालदीव में बिजली और पानी का संकट, यमन से निकासी और तुर्किये में भूकंप का उदाहरण दिया। कहा, यह स्थापित करता है कि मानवता के कल्याण के लिए भारत मजबूती से खड़ा है।
सिर्फ आयोजन नहीं, सही तरीके से आयोजन जरूरी
पीएम मोदी ने कहा, जब कोई कार्यक्रम महज आयोजित हो जाने के बदले सही ढंग से आयोजित किया जाता है, तो इसके दूरगामी प्रभाव होते हैं। इसे राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन से समझ सकते हैं। वह देश की ब्रांडिंग के लिए एक बड़ा अवसर हो सकता था, लेकिन इससे न केवल इसमें शामिल लोगों और देश की बदनामी हुई, बल्कि शासन तंत्र में भी निराशा की भावना पैदा हुई। वहीं, जी-20 का संचयी प्रभाव देश की ताकत को दुनिया के सामने दिखाने में सफल रहा।
बुनियाद मजबूत है
इस कार्यक्रम में मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी पीछे की सीटों पर बैठे हैं और जमीनी स्तर के अधिकारी सबसे आगे हैं। मुझे यह व्यवस्था पसंद आई, क्योंकि यह मुझे आश्वस्त करती है कि मेरी बुनियाद मजबूत है।
-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
खुद से ज्यादा देश को दी तवज्जो...किस्सा सुन भावुक हुए प्रधानमंत्री
पीएम मोदी तब भावुक हो गए, जब पुलिसकर्मियों ने बताया कि उन्होंने जी-20 के लिए खुद से ज्यादा देश के प्रति जिम्मेदारी को तवज्जो दी। दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि मां की मौत के बाद भी वे पांच घंटे तक ड्यूटी करते रहे। इसके चलते मां के अंतिम दर्शन तक न कर सके। एसआई पिंकी ने बताया, मेरी बेटी बुखार में तप रही थी। फिर भी मैं ड्यूटी करती रही। इस पर पीएम ने कहा-मजबूत देश की मजबूत बेटी। कर्मचारी शामिल थे।