'ब्लड प्लेटलेट्स' तैयार करने की दिशा में वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की
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जिला अस्पताल के निरीक्षण करने पहुंचे डीएम जब तीमारदारों से रूबरू हुए तो जिला अस्पताल प्रशासन और स्टाफ की कार्यशैली की पोल खुलती चली गई। जिला अस्पताल में भर्ती श्वांस रोगी रीना की बहन मीरा एबी निगेटिव ब्लड के लिए ब्लड बैंक स्टाफ से मनुहार कर रही थी लेकिन स्टाफ उन्हें टरका रहा था। इसी दौरान डीएम उधर से गुजरे तो महिला ने डीएम से गुहार की कि साहब मरीज की हालत बिगड़ रही है और लोग खून के लिए भटका रहे हैं।
यह सुन डीएम मीरा के पास गए और पूरा ब्यौरा लिया। फिर उसे लेकर ब्लड बैंक पहुंचे। पता चला कि मरीज को दो यूनिट एबी निगेटिव ब्लड चाहिए और ब्लड बैंक में केवल एक यूनिट ब्लड है। दूसरे यूनिट की व्यवस्था बरेली से हो पाएगी।
इसकी व्यवस्था के लिए तीमारदार को कह दिया गया है। ये सुनकर डीएम गुस्सा गए और बोले कि ऐसे तो मरीज को मार ही डालोगे। अस्पताल है या और कुछ। फिर स्टाफ से कहा कि मेरा भी ग्रुप एबी निगेटिव है। एक यूनिट लेकर मरीज को तुरंत दो। बाकी तुम लोगों की खबर बाद में लेता हूं।
इसके बाद वह डोनर रूम में गए और ब्लड देने लगे। सूचना विभाग और मीडिया इसकी फोटो लेने बढ़े तो उन्होंने प्रचार के पचड़े में डालने के लिए मना किया और डोनर रूम बंद करवा लिया। रक्कदान के बाद डीएम मेडिकल और सर्जिकल वार्ड में गए और मरीजों से बातचीत की।