केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने 50 हजार स्कूल शिक्षकों के लिए ‘स्कूल इनोवेशन एंबेसडर प्रशिक्षण कार्यक्रम’ की शुरुआत की।
स्कूली शिक्षकों के लिए नए और अपनी तरह के अनूठे इस कार्यक्रम का उद्देश्य 50,000 स्कूल शिक्षकों को नवाचार, उद्यमिता, आईपीआर, उत्पाद विकास, विचार निर्माण जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देना है। शिक्षामंत्री ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए बताया, शिक्षकों का हमारे जीवन में सबसे अधिक प्रभाव होता है।
शिक्षा मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय की साझा पहल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हमारा लक्ष्य अपने शिक्षकों को बदलाव का वाहक और नवाचार का दूत बनाना है, ताकि हमारे विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने बताया, यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय, जनजातीय कार्य मंत्रालय, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) का संयुक्त प्रायस है, जो लाखों विद्यार्थियों में नई खोज करने की क्षमताएं बढ़ाएगा, नवोन्मेष की संस्कृति को विकसित करेगा और जीवंत भारत की नींव रखेगा।
आदिवासी बहुल इलाकों में बनाए जाएंगे 740 ईएमआरएस
कार्यक्रम में मुंडा ने कहा, यह पहल देशभर में आदिवासी बच्चों की रचनात्मकता को पंख देकर उनके लिए बने कई स्कूलों को लाभ पहुंचाएगी और एक मंच उपलब्ध कराएगी, जिससे वे अपने विचारों से दुनिया को कुछ नया दे सकें।
उन्होंने बताया, आदिवासी बच्चों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) एक और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जिसके तहत अगले तीन वर्षों में आदिवासी बहुल इलाकों में 740 ईएमआरएस स्थापित किए जाएंगे।