कनाडा की अपीलीय कोर्ट के जस्टिस क्रिस्टीन बॉडुइन ने 11 फरवरी के फैसले में एअर इंडिया की अपील पर रजामंदी दी कि अदालत को मॉरिशस स्थित तीन निवेशकों और जर्मनी की डॉयचे टेलीकॉम के दावे पर फिर से विचार करना चाहिए कि एयरलाइंस भारत सरकार की है और इसलिए उससे वसूली की जानी चाहिए।
एयर इंडिया ने देवास मल्टीमीडिया के विदेशी निवेशकों को कोष जब्त करने के आदेश के खिलाफ कनाडा के क्यूबेक की एक कोर्ट से अपील करने की मंजूरी हासिल कर ली है। कनाडा की एक अदालत ने एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के साथ उपग्रह सौदा रद्द होने के चलते मुआवजा हासिल करने के लिए देवास को यह कोष जब्त करने की इजाजत दी थी। एंट्रिक्स कॉरपोरेशन इसरो की वाणिज्यिक कंपनी है।
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कनाडा की अपीलीय कोर्ट के जस्टिस क्रिस्टीन बॉडुइन ने 11 फरवरी के फैसले में एअर इंडिया की अपील पर रजामंदी दी कि अदालत को मॉरिशस स्थित तीन निवेशकों और जर्मनी की डॉयचे टेलीकॉम के दावे पर फिर से विचार करना चाहिए कि एयरलाइंस भारत सरकार की है और इसलिए उससे वसूली की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपील के गुणदोष या सफलता की संभावना पर राय व्यक्त किए बिना, मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि इस मामले को अदालत में पेश करना चाहिए। उन्होंने मामले की सुनवाई के लिए 13 मई की तिथि तय की है।
एयर इंडिया ने देवास के विदेशी निवेशकों की मांग को यह कहते हुए खारिज करने की अपील की है कि 27 जनवरी, 2022 को टाटा समूह द्वारा इसके अधिग्रहण के बाद अब यह सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी नहीं है। यूपीए सरकार के दौरान वर्ष 2005 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की वाणिज्यिक इकाई एंट्रिक्स और देवास के बीच स्पेक्ट्रम इस्तेमाल को लेकर करार हुआ था। यह सौदा 2011 में इस आधार पर रद्द कर दिया गया कि ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम की नीलामी में धोखाधड़ी में हुई थी और सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य सामाजिक उद्देश्यों के लिए एस-बैंड उपग्रह स्पेक्ट्रम की जरूरत थी।
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इसके बाद देवास मल्टीमीडिया ने इंटरनेशनल चैंबर्स ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) में फैसले के खिलाफ मध्यस्थता कार्रवाई शुरू की। इसके अलावा देवास के निवेशकों द्वारा दो अन्य मध्यस्थता कार्रवाई भी शुरू की गईं। भारत को तीनों मामलों में हार का सामना करना पड़ा और नुकसान की भरपाई के लिए कुल 1.29 अरब डॉलर का भुगतान करने को कहा गया।
कनाडा की एक अदालत ने देवास मल्टीमीडिया के शेयरधारकों को एयर इंडिया के 50 फीसदी कोष को जब्त रखने की अनुमति दी है, जिसे वैश्विक एयरलाइंस निकाय आईएटीए के पास रखा गया था। इसके अलावा एक फ्रांसीसी अदालत ने देवास को पेरिस में भारतीय संपत्तियों को जब्त करने की इजाजत भी दी है।