दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव पर निकाली गई शोभायात्रा पर पथराव हुआ है। यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल इलाका है। आरोप है कि पास की बस्ती से अचानक भीड़ ने शोभायात्रा पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान वहां 200 से 300 लोग मौजूद थे। इनमें से कुछ के हाथ में तलवार और पत्थर भी थे। इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। शोभायात्रा पर विशेष द्रव्य भरी हुई बोतलों से भी हमला किया गया। भीड़ पर कई राउंड फायर भी हुए। घरों के ऊपर से भी शोभायात्रा पर पत्थरों-बोतलों से पथराव किया गया है। इस हमले में लगभग आधा दर्जन पुलिस वालों को चोट लगी है, जिनमें दो की स्थिति काफी गंभीर बताई गई है।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जहांगीरपुरी के इलाके में हनुमान जन्मोत्सव पर शोभायात्रा निकाला था। पुलिस से इसकी अनुमति ली गई थी और पूरी यात्रा का रूट पहले से तय किया गया था। पूरी यात्रा में स्थान-स्थान पर पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया था। चार बजे से इस शोभायात्रा की शुरूआत हुई थी और लगभग दो घंटे तक यात्रा चलती रही। आरोप है कि जब यात्रा एक विशेष बस्ती के करीब से गुजरने लगी, तब लगभग छह बजे नजदीकी बस्ती से आई भीड़ ने उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि पुलिस के जवानों ने शोभायात्रा का मार्ग बीच में बदलने का भी प्रयास किया था।
शांतिपूर्ण चल रही थी यात्रा
विश्व हिंदू परिषद, दिल्ली प्रांत के महामंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने अमर उजाला को बताया कि उनकी शोभायात्रा पूरी शांतिपूर्ण तरीके से निकाली जा रही थी। शोभायात्रा में लगभग 1500 कार्यकर्ता शामिल थे। कहीं पर भी किसी तरह की आपत्तिजनक बयानबाजी नहीं की गई और पूरी शोभायात्रा पुलिस बल के संरक्षण में निकाली गई थी। लेकिन इसके बाद भी एक संवेदनशील इलाके से एक भीड़ ने शोभायात्रा पर हमला कर दिया, जिसमें उनके तीन दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं।
संवेदनशील इलाका
जहांगीरपुरी का इलाका काफी संवेदनशील माना जाता है। यहां पर पूर्व में भी कई बार सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन चुकी है। आरोप है कि दिल्ली दंगों के दौरान भी इस इलाके से कुछ लोगों को बुलाकर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद एरिया में दंगा भड़काने की साजिश रची गई थी। हिंसा फैलाने का आरोप बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों पर लगता रहा है। पूर्व में हुई हिंसा में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है।
इससे पहले विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष नेता डॉ. सुरेंद्र जैन ने शनिवार को ही दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस भी की थी। इस प्रेस कांफ्रेंस में देश के अलग-अलग हिस्सों में रामजन्मोत्सव पर निकाली गई शोभायात्रा पर हुई हिंसा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से हिदूओं की शोभायात्राओं को नहीं निकालने दिया जा रहा है। क्या मुस्लिम समुदाय के धार्मिक अवसरों पर इसी तरह की स्थिति हिंदू बहुल इलाकों में भी होगी?
उन्होंने कहा कि किसी भी एरिया को हिंदू-मुस्लिम बहुल इलाकों के तौर पर बांटना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि ऐसा होगा तो किसी भी धर्म के आयोजनों पर प्रतिबंध लग जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस मामले को बेहद संवेदनशील तरीके से निबटना चाहिए।
विहिप ने कहा है कि जिस तरह घरों से पत्थर बरसाए गए हैं, यह सब कुछ अचानक नहीं हो सकता। इसके लिए पत्थरों को जुटाकर रखा गया था और लोगों को जुटाकर हमला किया गया है। संगठन ने मामले की पूरी जांच करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।