अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने पीठ से कहा, अब काम हो रहा है। प्रक्रिया अच्छी स्थिति में चल रही है। मुझे नहीं लगता कि वकीलों को याचिका दायर करनी चाहिए और इस अदालत से और अधिक सहयोग मांगना चाहिए। शीर्ष विधि अधिकारी ने इस मुद्दे पर कई याचिकाएं दायर किए जाने पर चिंता व्यक्त की।
केंद्र ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि प्रक्रिया जारी हैं और शीर्ष अदालत के कॉलेजियम की तरफ से अनुशंसित न्यायाधीशों की नियुक्ति को अधिसूचित करने के लिए निर्णय लिए जा रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ एक नई याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कॉलेजियम की तरफ से इस आशय की सिफारिश के बाद उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति समयबद्ध तरीके से करने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई थी।
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प्रक्रिया अच्छी स्थिति में चल रही है- आर वेंकटरमणी
अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने पीठ से कहा, अब काम हो रहा है। प्रक्रिया अच्छी स्थिति में चल रही है। मुझे नहीं लगता कि वकीलों को याचिका दायर करनी चाहिए और इस अदालत से और अधिक सहयोग मांगना चाहिए। शीर्ष विधि अधिकारी ने इस मुद्दे पर कई याचिकाएं दायर किए जाने पर चिंता व्यक्त की।
न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर दायर की गई थी याचिका
पीठ ने 2023 में हर्ष विभोर सिंघल की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई अगले सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। बता दें कि हर्ष विभोर सिंघल ने अपनी याचिका में उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण पर कॉलेजियम की सिफारिशों पर कार्रवाई करने के लिए केंद्र के लिए एक निश्चित समय सीमा तय करने की मांग की है।
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अटॉर्नी जनरल ने कहा कि इसी तरह की याचिका पर पहले न्यायमूर्ति एस. के. कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की थी, जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। न्यायमूर्ति कौल ने कॉलेजियम की तरफ से अनुशंसित न्यायाधीशों की नियुक्तियों और स्थानांतरणों को अधिसूचित करने में देरी पर बार-बार कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी।