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जासूसी: पेगासस बनाने वाली इस्राइली कंपनी से रक्षा मंत्रालय ने नहीं की डील, राज्यसभा में सरकार का जवाब

Mon, 09 Aug 2021 05:27 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एनएसओ वही इस्राइली कंपनी है, जिसके स्पाईवेयर पेगासस की मदद से जासूसी के आरोप लगाए जा रहे हैं और संसद में विपक्ष लगातार सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहा है।
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nso group israel - फोटो : haaretz
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विस्तार
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पेगासस जासूसी मामले को लेकर संसद में हंगामे के बीच रक्षा मंत्रालय ने राज्यसभा में कहा है कि उसने इस्राइल की कंपनी एनएसओ ग्रुप टेक्नालॉजीज से कोई करार नहीं किया है। राज्यसभा में रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक लिखित जवाब में बताया कि इस्राइल की एनएसओ ग्रुप ऑफ टेक्नालॉजी के साथ मंत्रालय का कोई भी करार या लेन-देन नहीं किया है। सोमवार को राज्यसभा में सदस्य वी. शिवदासन रक्षा मंत्रालय से खर्चों से जुड़े कुछ सवाल पूछे थे। उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या सरकार ने एनएसओ ग्रुप के साथ कोई ट्रांजैक्शन किया है। इसके लिखित जवाब में रक्षा मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि मंत्रालय का एनएसओ के साथ कोई करार नहीं हुआ है। 

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बता दें, एनएसओ वही इस्राइली कंपनी है, जिसके स्पाईवेयर पेगासस की मदद से जासूसी के आरोप लगाए जा रहे हैं और संसद में विपक्ष लगातार सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहा है। पेगासस जासूसी मामला संसद के मानसून सत्र के पहले दिन से ही हंगामे की वजह बना हुआ है। 19 जुलाई को संसद सत्र की शुरुआत से ही संसद के दोनों सदनों में विपक्ष रोज इस मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन अब तक मामले पर किसी भी सदन में चर्चा नहीं हुई है। 
 

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भारत-इस्राइल के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
उधर, भारत व इस्राइल के बीच सोमवार को रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सार्थक चर्चा हुई। इस्राइली रक्षा मंत्री बेनी ग्लेंज ने ट्वीट कर कहा कि भारत के राजदूत संजीव सिंगला ने उनसे मुलाकात की। उन्होंने दोनों देशों के बीच मौजूदा रक्षा सहयोग व औद्योगिक संबंधों की समीक्षा की। दो सप्ताह पूर्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ग्लेंज से फोन पर चर्चा की थी। इस्राइल में पीएम नफ्ताली बेनेट की नई सरकार बनने के बाद दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच यह पहली चर्चा थी। 
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चीन सीमा से कोई घुसपैठ नहीं
रक्षा मंत्रालय ने एक सवाल के जवाब में यह भी बताया कि वर्ष 2021 के दौरान भारत चीन सीमा से घुसपैठ की कोई घटना नहीं हुई है।
 
म्यांमार से घुसे थे 8486 नागरिक, 5796 को वापस भेजा
म्यांमार में सैन्य विद्रोह के बाद 8486 नागरिकों या शरणार्थियों ने भारतीय चौकी पर पार की। इनमें से 5796 को वापस भेज दिया गया, जबकि 2690 अभी भी भारत में हैं। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि म्यांमार सीमा से घुसे लोगों को सीमा रक्षा बलों ने पकड़ लिया और उन्हें संबंधित राज्य की पुलिस को सौंपा। 

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