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Mental Health: मानसिक स्वास्थ्य को हल्के में नहीं लेतीं दीपिका पादुकोण; आप भी दें ध्यान और अपनाएं ये टिप्स

Fri, 29 Dec 2023 10:02 AM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दीपिका पादुकोण खुद भी मानसिक अवसाद से गुजर चुकी हैं। उन्होंने 2015 में खुद इसका खुलासा किया था। दीपिका पादुकोण कोई ऐसी और पहली अभिनेत्री नहीं हैं, जिन्हें मानसिक अवसाद के दौर से गुजरना पड़ा था। दीपिका के अलावा शाहरुख खान, श्रद्धा कपूर, आलिया भट्ट, शाहीन भट्ट, करण जौहर, संजय दत्त, मनीषा कोईराला समेत तमाम अभिनेता और अभिनेत्री इस दौर से गुजर चुके हैं।  
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दीपिका पादुकोण - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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लगातार बढ़ रहे मानसिक अवसाद, तनाव के चलते जानलेवा कदम उठाने वाले बच्चों के दर्द का एहसास करना हो तो अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ऐसे तमाम मामले मिल जाएंगे। अन्य  महानगरों में तेजी से मनो चिकित्सा और इससे जुड़े परामर्श केन्द्र में बढ़ रही भीड़ को देखने के बाद मानसिक तनाव की चुनौतियों से इनकार नहीं किया जा सकता। 

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एम्स में सैकड़ों नीट, जेईई, सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा और प्रोफेशनल्स तक इस समय मानसिक अवसाद से उबरने की चिकित्सा ले रहे हैं। इस क्षेत्र में फिल्म अभिनेत्री दीपिका पदुकोण ने मानसिक स्वास्थ्य को  लेकर अच्छा कदम उठाया है।

दीपिका पादुकोण की संस्था लिव लव लाइफ फाउंडेशन ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को मिशन मोड में लिया है। लिव लव लाइफ फाउंडेशन लोगों को मानसिक अवसाद की स्थिति से बचाने के लिए सहायता देने, सुझाव देने और इससे बचने के तमाम टिप्स लोगों तक पहुंचा रही है। 
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दीपिका पादुकोण खुद भी मानसिक अवसाद से गुजर चुकी हैं। उन्होंने 2015 में खुद इसका खुलासा किया था। दीपिका पादुकोण कोई ऐसी और पहली अभिनेत्री नहीं हैं, जिन्हें मानसिक अवसाद के दौर से गुजरना पड़ा था। दीपिका के अलावा शाहरुख खान, श्रद्धा कपूर, आलिया भट्ट, शाहीन भट्ट, करण जौहर, संजय दत्त, मनीषा कोईराला समेत तमाम अभिनेता और अभिनेत्री इस दौर से गुजर चुके हैं।  

हर साल लाखों लोग करते हैं आत्महत्या
एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में 1 लाख 70 हजार लोगों ने आत्महत्या की। सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात है कि इनमें से अधिकतर लोग 40 साल से कम उम्र के थे। इतना ही नहीं  दुनिया में दस लाख से ज्यादा लोगों ने समय से पहले अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। 

लिव लव लाइफ फाऊंडेशन के चेयरमैन डॉ. श्याम भट्ट कहते हैं कि थोड़ी सी सजगता से मानसिक अवसाद और आत्महत्या जैसी स्थितियों से बचा जा सकता है। श्याम भट्ट कहते हैं कि जब भी आपके पास तनाव घर कर रहा हो, इससे बचने का पहला उपाय सहायता लेना है। यह सहायता लेने में किसी तरह की शर्म या संकोच नहीं करना चाहिए।

मनोचिकित्सक एके अरुण कहते हैं कि शारिरिक हो या मानसिक स्वास्थ्य, इसे ठीक रखने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी दिनचर्या में बदलाव करना है। हम नियमित योगाभ्यास, शारीरिक व्यायाम, खान-पान और स्वस्थ मनोरंजन के माध्यम से इसकी जटिलताओं से बच सकते हैं। 

डा. अरुण के अनुसार वर्तमान समय में लोग टीवी, मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटाप आदि के स्क्रीन पर जरूरत से अधिक समय दे रहे हैं। वह कहते हैं कि आज के दौर में इसका संतुलित प्रयोग बेहद जरूरी हैं। वह कहते हैं कि इससे लोगों में मानसिक अवसाद की स्थिति आती है। यह लोगों में व्यवहार में आक्रामक परिवर्तन का बड़ा कारण बनता जा रहा है।

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