दर्शन हीरानंदानी- महुआ मोइत्रा
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रिश्वत लेकर संसद में सवाल उठाने के मामले में घिरीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को लेकर बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी ने कई बड़े खुलासे किए गए हैं। हीरानंदानी ने अपने दस्तखत के साथ एक हलफनामा जारी किया है। इसमें दावा किया गया कि उनके पास महुआ का लोकसभा का लॉगिन आईडी और पासवर्ड था। इससे वे खुद ही महुआ की तरफ से सवाल डाल देते थे। रियल एस्टेट टू एनर्जी समूह हीरानंदानी के सीईओ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेदाग छवि ने विपक्ष को उन पर हमला करने का कोई मौका नहीं दिया, ऐसे में महुआ मोइत्रा ने मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए अदाणी पर निशाना साधने का रास्ता चुना।
हीरानंदानी ने स्वीकार किया कि अदाणी पर निशाना साधने के लिए मोइत्रा के संसदीय लॉगिन और पासवर्ड का उपयोग किया गया था। ऐसा उस वक्त किया गया, जब दिग्गज कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने गुजरात स्थित धामरा एलएनजी आयात सुविधा को चुना। उन्होंने दावा किया कि महुआ उनसे लग्जरी आइटम्स यानी महंगी-महंगी चीजों की डिमांड करती थीं। उन्होंने दिल्ली के महुआ के बंगले के जीर्णोद्धार के लिए मदद की। छु्ट्टियों के दौरान महुआ की यात्राओं का खर्च उठाया। यह भी दावा किया कि उन्होंने देश-दुनिया के हिस्सों में ट्रैवल के दौरान लॉजिस्टिकल मदद मुहैया कराई।
कैसे योजना बनाई गई? यह भी बताया
हीरानंदानी ने कहा कि उन्हें आईओसी द्वारा अपनी कंपनी के एलएनजी टर्मिनल की जगह धामरा को चुनने के बारे में पता था। इस जानकारी के आधार पर मोइत्रा ने कुछ सवालों का मसौदा तैयार किया, ऐसे सवाल जिन्हें वह संसद में उठा सकती थीं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सांसद के तौर पर अपनी ईमेल आईडी मेरे साथ साझा की, ताकि मैं उन्हें जानकारी भेज सकूं और वह संसद में सवाल उठा सकें। अदाणी समूह से संबंधित उनके द्वारा भेजे गए प्रश्नों पर मिली प्रतिक्रिया से खुश होकर मोइत्रा ने अदाणी समूह पर अपने हमलों में उनका समर्थन जारी रखने का अनुरोध किया। उन्होंने मुझे अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड दिया था, ताकि जरुरत पड़ने पर मैं सीधे उनकी ओर से प्रश्न पोस्ट कर सकूं।
मशहूश होने के लिए मोइत्रा ने अपनाया छोटा रास्ता
बताया गया कि 2017 में जब वह विधायक थीं, तब बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में मोइत्रा से मुलाकात हुई थी। हीरानंदानी ने कहा कि मोइत्रा पिछले कुछ वर्षों में उनकी करीबी दोस्त बन गईं। उन्होंने 2019 में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से लोकसभा चुनाव जीतने के बारे में कहा कि मोइत्रा बहुत महत्वाकांक्षी थीं और राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम कमाना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि उनके दोस्तों और सलाहकारों ने उन्हें सलाह दी थी कि ख्याति पाने के लिए वे छोटा रास्ता अपनाएं। पीएम मोदी पर व्यक्तिगत हमला इसी का एक हिस्सा था।
क्या है मामला?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और मोइत्रा के अलग हुए साथी और वकील जय अनंत देहाद्राई ने आरोप लगाया कि मोइत्रा ने संसद में सवाल उठाने के लिए हीरानंदानी से मदद ली। उन्होंने उनके खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष मानहानि का मुकदमा दायर करके जवाब दिया। इस बीच निशिकांत दुबे की शिकायत को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की आचार समिति को भेज दिया है।