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कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में दो भारतीय कंपनियां आगे, मानव परीक्षण शुरू हुए

Tue, 14 Jul 2020 10:16 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राजेश भूषण (स्वास्थ्य मंत्रालय) - फोटो : एएनआई
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देश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय और आईसीएमआर ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान देश में कोरोना की स्थिति पर प्रकाश डाला गया और कोरोना जांच संबंधी जानकारियां दी गईं। आईसीएमआर की ओर से बताया गया कि देश में दो कंपनियां वैक्सीन विकसित करने के काम में आगे चल रही हैं। इन दोनों कंपनियों को मानव परीक्षण की अनुमति मिल चुकी है। जानिए प्रेस वार्ता में क्या-क्या जानकारी दी गई...

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  • देश में कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। भारत में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर कोरोना मामलों की संख्या 657 है। हम दुनिया के उन देशों में से हैं जिनमें प्रति 10 लाख जनसंख्या पर कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सबसे कम हैं।
  • भारत में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर कोरोना के कारण होने वाली मौतों की संख्या 17.2 है जबकि कई अन्य देशों में यह भारत की तुलना में 35 गुना तक ज्यादा है।
  • देश में कोरोना के कुल मामलों का 86 फीसदी हिस्सा 10 राज्यों में है। इनमें से दो राज्यों- महाराष्ट्र और तमिलनाडु में 50 फीसदी से ज्यादा मामले हैं। अन्य आठ राज्यों में 36 फीसदी मामले हैं।
  • देश में सक्रिय मामलों की तुलना में 1.8 गुना ज्यादा लोग ठीक हुए हैं। भारत में मई में रिकवरी रेट लगभग 26 फीसदी था। मई के अंत तक यह लगभग 48 फीसदी हो गया और जुलाई आने तक यह लगभग 63 फीसदी हो गया है।
  • देश में 1206 लैब में सैंपल की जांच की जा रही है। कंटेनमेंट जोन में जांच बढ़ाने की जरूरत है। ऐसे जोन में घर-घर जाकर सक्रिय मामलों की जांच की जानी चाहिए। 
  • उत्तर प्रदेश में रिकवरी रेट 64 फीसदी है। ओडिशा में यह 67 फीसदी, असम में 65 फीसदी, गुजरात में 70 फीसदी और तमिलनाडु में कोरोना से ठीक होने की दर 65 फीसदी है।
  • मार्च में कोरोना के मामलों की प्रतिदिन बढ़ने की गति लगभग 31 फीसदी थी, मई में यह दर नौ फीसदी हो गई थी। मई के अंत तक यह दर पांच फीसदी पर आ गई थी। 12 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार यह दर 3.24 फीसदी है। 
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कहता है कि अगर आप प्रति 10 लाख आबादी पर रोजाना 140 लोगों की जांच कर रहे हैं तो इसे व्यापक जांच माना जाएगा। ऐसे 22 राज्य हैं जो रोज 140 या इससे ज्यादा जांच कर रहे हैं। राज्यों को जांच की संख्या बढ़ाने की सलाह दी जाती है।
  • इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने बताया कि देश में कोरोना के दो वैक्सीन पर काम चल रहा है। इनका चूहों और खरगोश पर ट्रायल हो चुका है। वैज्ञानिकों ने इसकी रिपोर्ट डायरेक्टर जनरल हेल्थ को दे दी है।
  • भारत की दो कंपनियां अलग-अलग साइट्स पर 1000-1000 लोगों पर वैक्सीन को लेकर चिकित्सकीय अध्ययन कर रही है। दोनों कपंनियों को इस महीने की शुरुआत में प्रारंभिक चरण के मानव ट्रायल शुरू करने की मंजूरी मिल गई थी।
  • भारत को तेजी से वैक्सीन विकसित करने की जरूरत है। भारत में वैक्सीन ट्रायल के लिए 1000 वॉलंटियर तैयार हैं। भार्गव ने कहा कि अमेरिका में उपयोग में लाई जाने वाली दवाओं में 60 फीसदी दवाएं भारत में बनी हुई हैं। दुनिया में उपयोग में आने वाली वैक्सीन का 60 फीसदी भारत में बनता है।
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