डॉ. निवेदिता ने कहा कि कोरोना के जिस तीसरी लहर की बात की जा रही है, वह कभी आएगी या नहीं और आएगी भी तो कब? इसके बारे में अभी से कुछ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर वायरस में कोई नया म्यूटेशन (परिवर्तन) होता है, तो यह नए रूप में हमारे सामने आ सकता है। यह कितना विनाशकारी हो सकता है, वो उसके सामने आने के बाद ही कहा जा सकता है।
कहा- लोग करेंगे नियमों का पालन, तो नहीं फैलेगा वायरस
डॉ. निवेदिता ने कहा कि अगर लोग कोरोना नियमों का पालन नहीं करेंगे। ज्यादा एक-दूसरे से मिलेंगे-झुलेंगे, तो इसके बार-बार खतरनाक रूप से सामने आने की संभावना रहेगी, लेकिन अगर लोग मास्क पहनने और शारीरिक दूरी बनाए रखने के नियमों का पालन करेंगे, तो संक्रमण को कभी भी कमजोर किया जा सकता है। कोविड टीका लगवा कर विनाशक शक्ति को काफी हद तक कमजोर किया जा सकता है।
लोग चाहें, तो रोक सकते हैं संक्रमण
दिल्ली के बीएलके अस्पताल के सीनियर डॉक्टर संदीप नायर ने कहा, अभी ये दावा नहीं किया जा सकता कि कोरोना संक्रमण अपने पीक पर कब होगा? तीसरी लहर कब आएगी या यह बीमारी कब तक खत्म हो सकती है? उन्होंने कहा कि यह दो-चार महीने में भी खत्म हो सकती है, तो यह दो-तीन साल या इससे भी ज्यादा समय तक चल सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस कितना विकराल रूप लेगा। इसका पूरा नियंत्रण लोगों के व्यवहार में ही है। अगर हम अपने जीवनशैली और व्यवहार में परिवर्तन नहीं करेंगे, तो कोरोना को रोकना कभी भी संभव नहीं होगा।
कोरोना की पहली या दूसरी लहर की चपेट में आने वाले बच्चों की संख्या बेहद कम है। विशेषज्ञों द्वारा आशंका जताई जा रही है कि अगर तीसरी लहर आई, तो यह बच्चों पर ज्यादा घातक असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कोरोना नियंत्रण में न आ जाए बच्चों को स्कूल भेजने का निर्णय उचित नहीं रहेगा। इस दौरान घर के वयस्क लोगों को खुद को जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाने और बाहरी दुनिया से दूरी बनाए रखने की कोशिश करनी होगी, जिससे उनके जरिये बच्चों तक संक्रमण न पहुंचे और वे सुरक्षित रहें।