Corona New Variant Omicron: ओमिक्रॉन वैरिएंट का सामुदायिक प्रसार
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मुंबई में कोरोना संक्रमित मरीजों पर किए गए एक सर्वे में डराने वाले नतीजे सामने आए हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के मुताबिक, मुंबई में 89 प्रतिशत कोरोना संक्रमित मरीजों में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि 280 नमूनों की जांच में 89% में ओमिक्रॉन संक्रमण पाया गया। वहीं आठ प्रतिशत में डेल्टा डेरिवेटिव व तीन प्रतिशत में डेल्टा वैरिएंट पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सर्वे के लिए 373 नमूनों की जांच की गई। इसमें 280 सैंपल बीएमसी के क्षेत्र के थे। जिसमें 248 नमूनों में ओमिक्रॉन संक्रमण मिला।
ज्यादातर ने नहीं ली थी कोरोना वैक्सीन
अधिकारियों ने मुताबिक, 280 संक्रमितों में 34%, यानी 96 रोगी, 21-40 वर्ष के थे। 28% या 79 रोगी 41-60 वर्ष के तो वहीं 22 मरीज 20 वर्ष से कम के थे। वहीं 280 रोगियों में से सिर्फ सात लोगों ने कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ली थी। इनमें छह मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और दो मरीजों को आईसीयू की आवश्यकता पड़ी। वहीं टीके की दोनों खुराक लेने वाले 174 रोगियों में से 89 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इनमें से दो मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत थी, जबकि 15 मरीजों को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। 99 मरीजों ने वैक्सीन नहीं ली थी।
मुंबई में कम्युनिटी स्प्रेड के मिल चुके हैं सबूत
मुंबई में ओमिक्रॉन के सामुदायिक प्रसार के सबूत मिल चुके हैं। यह रिपोर्ट खुद एक दिन पहले स्वास्थ्य मंत्रालय की संस्था की ओर से जारी की गई थी। इसके मुताबिक, मुंबई व दिल्ली में ओमिक्रॉन का सामुदायिक प्रसार हो चुका है। जो संक्रमित सामने आ रहे हैं, उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। इसके अलावा बिना संक्रमित के संपर्क में आए भी लोग ओमिक्रॉन का शिकार हो रहे हैं।
कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूरी
बीएमसी के अधिकारियों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाने पर जोर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट के प्रसार को रोकने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य है। मास्क, सैनिटाइजेशन व दो व्यक्तियो के बीच उचित दूरी बनाए रखने की आवश्यकता है। अधिकारियों का कहना है कि इसका सख्ती से पालन करवाया जाएगा।