दुनिया भर में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का कहर जारी है। इस वायरस का पहला मामला सामने आए हुए एक साल भी पूरा हो गया है। अब तक कोरोना से करोड़ों लोग संक्रमित हो चुके हैं और लाखों जानें जा चुकी हैं। कोरोना वायरस का प्रकोप कम होने के बजाय बढ़ते ही जा रहा है। इसके चलते दुनिया भर में अनगिनत कंपनियां बंद हो गई हैं। कई उद्योग तबाही की कगार पर आ गए और लाखों की संख्या में लोग सड़क पर आ गए हैं। दुनियाभर में मंदी की मार देखी जा रही है।
बहरहाल, बता दें कि पूरी दुनिया में तबाही मचाने वाले इस कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला मामला आज के ही दिन चीन के शहर वुहान में मिला था। इसके बाद देखते ही देखते इस वायरस ने पूरे पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। कोरोना वायरस ने एक साल पूरे होने तक पूरे विश्व में 13.35 लाख से अधिक लोगों की जान ले ली है, जबकि 5.55 करोड़ से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है।
अब तक नहीं मिला कोरोना का इलाज
अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह वायरस कितना खतरनाक है। दुनियाभर में कोरोना वायरस से निपटने के लिए हजारों वैज्ञानिक इसका इलाज ढूंढ़ने में जुटे हैं, लेकिन पहला मामला सामने आने के एक साल बाद भी अभी तक किसी भी देश को कोरोना का टीका बनाने में सफलता हाथ नहीं लगी है।
चीन ने अधिकारिक तौर पर दिसंबर में की पुष्टि
चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में कोरोना वायरस का पहला मामला 17 नवंबर, 2019 को सामने आया था। एक 55 वर्षीय व्यक्ति इससे संक्रमित हुआ था। चीन ने उसकी पहचान उजागर नहीं की। चीन के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर कोरोना संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि 8 दिसंबर, 2019 को की।साथ ही बताया कि यह संक्रमण वुहान के हुआनन सीफूड मार्केट से फैला है। जबकि अमेरिका ने इसके चीन की लैब में वायरस बनाने और इसकी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था। एक साल बाद भी इसके फैलने की असली वजह का पता नहीं चल सका है। हालांकि बाद में इसने संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलकर पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
उनमे से कोई 'पेशेंट जीरो’ नहीं
इसके बाद से नवंबर में ही चार पुरुषों और पांच महिलाओं के संक्रमित होने की सूचना मिली। हालांकि उनमें से कोई 'पेशेंट जीरो’ नहीं था। 'पेशेंट जीरो' यानी कि उनमें से कोई भी संक्रमण का वाहक था या नहीं ये स्पष्ट नहीं हो सका। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने चीनी सरकार के डेटा के आधार पर कहा था कि 17 नवंबर को चीन में कोरोना का पहला मामला सामने आया, लेकिन चीन लगातार इसे खारिज करता रहा और कहा कि 8 दिसंबर, 2019 को वुहान में पहला मामला सामने आया।
शोधकर्ता अभी कारणों का पता लगाने में जुटे
शोधकर्ता अभी भी यह पता लगाने की कोशिश में जुटे हैं कि कोरोना वायरस की उत्पति कैसे हुई? कब से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलना शुरू हुआ है? भविष्य इसमें कैसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं? लेकिन उन्हें भी इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी।
अमेरिका ने जानकारी छिपाने का आरोप लगाया
अमेरिका समेत कई देशों ने चीन पर कोरोना वायरस की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया और कहा कि यदि समय रहते दुनिया के सामने सच बता दिया होता, तो इस तबाही से बचा जा सकता था। अमेरिका की कई एजेंसियों ने तो दावा किया है कि कोरोना वायरस वुहान के लैब में तैयार किया गया वायरस है। हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। बता दें कि पूरी दुनिया में कोरोना से अब तक 55,350,663 लोग संक्रमित हुए हैं, जबकि 1,332,338 लोग इस संक्रमण से मरे हैं। कोरोना से सबसे अधिक अमेरिका प्रभावित हुआ है। अमेरिका में अब तक 252,652 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1.1 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं।