कोरोना वायरस का प्रभाव पर्यटन उद्योग पर भी पड़ सकता है। सरकार द्वारा इस वायरस से निपटने के लिए कई देशों के नागरिकों के आगमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे आशंका जताई जा रही है पर्यटन उद्योग को 18 अरब रुपये का नुकसान हो सकता है।
आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में मार्च और अप्रैल महीने में लगभग डेढ़ लाख से अधिक विदेशी पर्यटक आते हैं। लेकिन सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के चलते इसमें कमी देखी जा सकती है। एक लाख से अधिक पर्यटकों ने फरवरी में अपनी दिल्ली यात्रा को रद्द किया। पर्यटकों के नहीं आने से गेस्ट हाउस और होटल सुनसान नजर आ रहे हैं।
गौरतलब हो कि ईस्टर पर्व पर जर्मनी, लंदन, स्पेन, फ्रांस सहित यूरोप के तमाम छोटे-बड़े देशों से बड़ी तादाद में पर्यटक भारत का रूख करते हैं। लेकिन सरकार द्वारा लगाई गई रोक से इस अवधि में आने वाले डेढ़ लाख से अधिक पर्यटकों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ेगी। अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में 70 फीसदी से अधिक गेस्ट हाउस खाली हो जाएंगे।
कोरोना वायरस के डर से कई कंपनियों द्वारा घरों से काम करने के निर्देश देने और लोगों द्वारा घरों से बाहर नहीं निकलने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या में कमी आई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, डीएनडी, आश्रम चौक, नोएडा लिंक रोड पर यात्रा के समय में 15 तक की कमी देखी गई है। यानि जिस सफर को पूरा करने में एक घंटा लगता था, वह अब 45 मिनट में पूरा हो रहा है।
एनसीआर से दिल्ली आने वालों यात्रियों की संख्या में कमी
वहीं, कोरोना के डर से एनसीआर से मेट्रो द्वारा दिल्ली आने वाले यात्रियों की संख्या में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। लोग सार्वजनिक वाहनों के मुकाबले निजी वाहनों में यात्रा करने को तरजीह दे रहे हैं।