कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड को किया बंद
- फोटो : एएनआई
तमिलनाडु के एन्नोर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पता चला कि कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड के एक उप-समुद्री पाइप से अमोनिया गैस लीक हो गई है। लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, तुरंत इस गैस लीक को काबू में किया गया। जहां से गैस लीक हो रही थी वहां मरम्मत कर गैस लीक को बंद किया गया। इस बीच, तमिलनाडु सरकार ने यूनिट को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है।
तमिलनाडु के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री मय्यानाथन शिवा वी ने बताया कि राज्य सरकार ने कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड उद्योग को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है। अगले आदेश तक यह यूनिट बंद रहेगी।
यह है मामला
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार रात कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड के एक उप-समुद्री पाइप में अमोनिया गैस के रिसाव का पता चला। इसकी जानकारी मिलते ही इसे रोका गया है। गैस लीक होने की वजह से आस-पास इसकी काफी तेज गंध महसूस की गई। इसकी वजह से पांच लोगों को बेचैनी महसूस होने लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में, अवाडी के संयुक्त आयुक्त विजयकुमार ने बताया कि घबराने की जरूरत नहीं है। फिलहाल हालात स्थिर हैं। एन्नोर में अब कोई गैस लीक नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि लोग वापस घर आ गए हैं। मौके पर चिकित्सा और पुलिस की टीमें मौजूद हैं।
यूनिट ने रात 12.45 बजे दी सूचना
तमिलनाडु पर्यावरण और वन विभाग की एक अधिकारी ने बताया की पाइपलाइन के प्री-कूलिंग ऑपरेशन के दौरान अमोनिया गैस लीक होने की जानकारी यूनिट ने रात 12.45 बजे दी। वन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुप्रिया साहू ने कहा कि जानकारी मिलते ही तुरंत चेन्नई के संयुक्त मुख्य पर्यावरण अभियंता जेसीईई (एम) जिला पर्यावरण अभियंता डीईई (अंबत्तूर) और एईई (मनाली) के साथ देर रात सवा दो बजे घटनास्थल पर पहुंचे। बाद में यूनिट तथा पाइपलाइन स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान औद्योगिक संचालन की सुरक्षा के लिए प्राधिकरण औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशालय (डीआईएसएच) के संयुक्त निदेशक भी साइट पर मौजूद रहे।
साहू ने बताया कि यूनिट ने रात पौने 12 बजे पाइपलाइन में बदलाव देखा और गंध महसूस की। यूनिट ने तुरंत सड़क के पार पाइपलाइन स्थान का दौरा किया और पाइपलाइन से गैस के बुलबुले निकलते हुए देखा। इसके बाद तुरंत टीम ने अभियान शुरू कर गैस का रिसाव बंद किया। इन सब में करीब 20 मिनट का समय लगा।
पुलिस और जिला प्रशासन ने यूनिट के साथ मिलकर किसी भी आपात स्थिति के प्रबंधन के लिए एंबुलेंस और सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था की। कुछ लोगों ने आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत दी, जिसके बाद उनका इलाज किया गया।