नेशनल मेडिकल कमीशन के लोगो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आईएमए केरल ने हिंदू देवता के चित्रण पर आपत्ति जताई है। केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि भगवान धन्वंतरि पिछले वर्ष से इसका हिस्सा रहे हैं। बता दें हिंदू पौराणकि कथाओं के मुताबिक, भगवान धन्वंतरि देवातओं के चिकित्सक हैं।
विवाद पर आईएमए केरल के अध्यक्ष डॉ नूहू ने कहा कि एनएमसी के लोगो में एक धर्मनिरपेक्ष संदेश स्वीकार्य है। एक डॉक्टर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आईएमए के लोगो परिवर्तन पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने अपने पोस्ट पर पूरा लोगो और नए लोगो की तस्वीर को साझा किया। वहीं सोशल मीडिया पोस्ट पर डॉ. नूहू ने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र जाति और धर्म से ऊपर है। इस क्षेत्र में जातिगत या धार्मिक विचार लाने की कोशिश अस्वीकार्य है।
आईएमए केरल के आपत्ति पर जवाब देते हुए चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड के सदस्य डॉ. योगेन्द्र मलिक ने कहा कि भगवान धन्वंतरि की छवि का चित्रण पहले भी लोगो में था, जो काले और सफेद रंग में था। लेकिन अब यह रंग में है, बस सिर्फ इतना ही अंतर आया है। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय प्रतीक कभी भी एनएमसी के लोगो का हिस्सा नहीं था। डॉ. मलिक ने कहा कि आयोग 2019 के एनएमसी अधिनियम के जरिए वर्ष 2020 में अस्तित्व में आया, काफी चर्चा के बाद लोगो को तय किया गया था।
बता दें इस वर्ष जून में आईएमए केरल ने महिला मुस्लिम एमबीबीएस छात्रों के एक समूह के उस अनुरोध पर कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन थिएटरों में लंबी आस्तीन वाले स्क्रब जैकेट और सर्जिकल हुड पहनने की अनुमति मांगी थी।