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Congress vs NDA: कांग्रेस ने मोदी के शपथ ग्रहण से पहले गठबंधन पर किया करारा प्रहार; एनडीए काे लेकर यह बड़ी बात

Sun, 09 Jun 2024 12:58 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जयराम रमेश ने कहा कि एक-तिहाई प्रधानमंत्री के दोगलेपन की शायद ही विश्व में कोई और बराबरी कर सकता है। वे अपने उन साथियों को कभी नहीं टोकते जो गोडसे को एक नायक की तरह पेश करते हैं। 

 
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जयराम रमेश - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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नरेंद्र मोदी आज प्रधानमंत्री पद की तीसरी बार शपथ ग्रहण करने जा रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस ने नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (एनडीए) को खतरनाक करार दिया। सबसे पुरानी पार्टी ने रविवार को कहा कि मोदी आज शाम नरेंद्र डेस्ट्रक्टिव एलायंस यानी एनडीए के नेता के रूप शपथ लेंगे। 

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क्या 28 मई, 2023 का दिन याद?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, 'क्या आप लोगों को 28 मई, 2023 का दिन याद है? यह वह दिन था जब नरेंद्र मोदी नए संसद भवन में उस सेंगोल के साथ आए थे, जिसके लिए 15 अगस्त 1947 का इतिहास गढ़ा गया था। यह न केवल मोदी के सम्राट होने के ढोंग को सही ठहराने के लिए बल्कि तमिल मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए किया गया था।'

उन्होंने आगे कहा, 'उस दिन ही मैंने दस्तावेजों का इस्तेमाल करके मोदी के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया था।'

मतदाताओं ने मोदी के ढोंग को नकारा
रमेश ने आगे कहा, 'हमें पता है उस ड्रामे का नतीजा क्या निकला। सेंगोल तमिल इतिहास का एक सम्मानित प्रतीक है। तमिल मतदाताओं और वास्तव में भारत के मतदाताओं ने मोदी के ढोंग को सिरे से नकार दिया।'
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कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मोदी को भारी व्यक्तिगत, राजनीतिक और नैतिक हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी को उस संविधान के सामने झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसे उन्होंने पिछले एक दशक में  नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी 

जयराम रमेश ने पीएम मोदी की वैधता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तिहाई प्रधानमंत्री आज शाम नरेंद्र डेस्ट्रक्टिव गठबंधन (एनडीए) के नेता के रूप में शपथ लेंगे।

आप ट्रैक रिकॉर्ड देखिए
वहीं, एक अन्य पोस्ट में रमेश ने पीएम मोदी के राजघाट दौरे पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि आप ट्रैक रिकॉर्ड देखिए। उनके वैचारिक सहयोगियों ने शत्रुता और घृणा का ऐसा विषाक्त वातावरण बनाया, जिसके परिणामस्वरूप 30 जून 1948 को महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई।

उन्होंने आगे कहा कि वे अपने उन साथियों को कभी नहीं टोकते जो गोडसे को एक नायक की तरह पेश करते हैं। मोदी ने संसद भवन में महात्मा गांधी की प्रतिमा को एक बार नहीं बल्कि दो बार विस्थापित किया। 

रमेश ने आगे कहा कि उन्होंने झूठा दावा किया कि 1982 में एटनबरो द्वारा बनाई गई फिल्म से पहले महात्मा गांधी को दुनिया जानती ही नहीं थी। सिलसिलेवार वह वाराणसी, अहमदाबाद और अन्य जगहों पर गांधीवादी संस्थाओं को ध्वस्त और नष्ट कर रहे है। एक-तिहाई प्रधानमंत्री के दोगलेपन की शायद ही विश्व में कोई और बराबरी कर सकता है ।

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