उत्तराखंड की सरकार को बर्खास्त किए जाने से तिलमिलाई कांग्रेस मंगलवार को राष्ट्रपति का दरवाजा खटखटाएगी। इस बार राष्ट्रपति के सामने कांग्रेस हैदराबाद विश्वविद्यालय बढ़ रहे टकराव को लेकर पार्टी उन्हें ज्ञापन देगी।
राष्ट्रपति केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति होते हैं, इसलिए कांग्रेस महामहिम से देश शैक्षणिक संस्थान में इस तरह के माहौल को लेकर हस्तक्षेप की भी मांग करेगी। कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने हैदराबाद विश्वविद्यालय की स्थिति को लेकर केन्द्र सरकार को आड़े हाथो लिया।
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी के बाद से ही हैदराबाद और नई दिल्ली का पारा काफी चढ़ा है। आरपीएन सिंह ने उत्तराखंड सरकार को बर्खास्त करने को लेकर केन्द्र पर हमला बोला। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि चुनी हुई राज्य सरकारों को असंवैधानिक तरीके से खरीद-फरोख्त करके और उन्हें अस्थिर करके प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस मुक्त भारत का सपना पूरा करना चाहते हैं।
सिंह ने कहा कि चूंकि लोकतंत्र में उन्हें विश्वास नहीं है और जनता के बीच मोदी सरकार अपना विश्वास खोती जा रही है, इसलिए उन्होंने यह रास्ता चुना है। आरपीएन ने कहा कि इससे पहले असम की सरकार को भी अस्थिर करने के कई बार प्रयास हुए थे। असम के मुख्यमंत्री तरुण गगोई ने इसे लेकर भाजपा की खिंचाई भी की थी। भाजपा इसी तरह की कोशिश हिमाचल प्रदेश, मणिपुर में भी कर रही है।
अरुणाचल प्रदेश में जो हुआ, वह किसी से भी छिपा नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अदालत ने बोम्मई मामले में पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि विधानसभा का बहुमत सदन में साबित होगा। इसके लिए उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष मे 28 मार्च का समय निर्धारित किया था। बहुमत कांग्रेस के पक्ष में था लेकिन इससे घबराकर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने एक दिन पहले ही राज्य सरकार को बर्खास्त करने का निर्णय ले लिया। यह लोकतंत्र की हत्या है।