भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य ने मंगलवार को लोकसभा में जाति आधारित जनगणना की जोरदार वकालत की और इसके समर्थन में निर्णय लेने के लिए सरकार की सराहना की। मौर्या के भाषण पर सदन में मौजूद कई नेता हैरान रह गए क्योंकि कई क्षेत्रीय दलों की ओर से इसके समर्थन में मांग करने के बावजूद भाजपा ने अभी तक इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। भाजपा ने आज उन्हें एक संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए पहले वक्ता के तौर पर उतारा था।
संघमित्रा संविधान संशोधन विधेयक और जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर भ्रमित हो गईं। उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा, 'आपकी सरकार 2011 में जाति आधारित जनगणना के लिए गई लेकिन इसे लागू नहीं कर सकी। मोदी सरकार अब उन्हें उनका अधिकार दे रही है।' उन्होंने कहा कि जो काम कांग्रेस की सरकारें नहीं कर सकीं वह हमारी सरकार कर रही है। जाति आधारित जनगणना को लागू करके हमारी सरकार ओबीसी वर्ग को उनके अधिकार दे रही है।'