जितिन प्रसाद के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने से कांग्रेस अभी उबर नहीं सकी है। बृहस्पतिवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि कई नेताओं ने नहीं बल्कि सिर्फ जितिन प्रसाद ने पार्टी छोड़ी है। वह हमेशा से संदग्धि थे।
मोइली ने आरोप लगाया कि जितिन प्रसाद धर्मनिरपेक्ष नहीं थे। वह जातिवादी नेता थे और यूपी में जातिवादी राजनीति करना चाहते थे। उन्हें कई पद दिए गए थे। मोइली ने कहा कि जिम्मेदारी हमेशा पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पित लोगों को देना चाहिए।
वीरप्पा मोइली ने कहा कि कांग्रेस को बड़ी सर्जरी की जरूरत है। सक्षम व जनाधार वाले नेताओं को विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारी देना चाहिए।
बता दें, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद ने बुधवार को पार्टी का दामन छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। अगले साल होने वाले यूपी चुनाव के पूर्व इसे कांग्रेस को बड़ा झटका माना जा रहा है। प्रसाद कांग्रेस के असंतुष्ट जी-23 नेताओं के गुट में शामिल थे।