फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सियासत: कांग्रेस ने 'करारदाद-ए पाकिस्तान' की बधाई पर पीएम मोदी को घेरा, भाजपा को दिलाई 'फजलूल हक' की याद

Sat, 14 Aug 2021 11:18 PM IST
कुमार संभव डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस नेता ने कहा, पाकिस्तान को 'बंटवारा दिवस' की बधाई पीएम मोदी 22 मार्च को दे रहे थे, जबकि ट्विटर पर रुसवाई चलती है। 22 मार्च, 2021 को पीएम मोदी ने पाकिस्तान को भारत-पाकिस्तान बंटवारे के लिए चिट्ठी लिखकर बधाई दी थी।
विज्ञापन
रणदीप सिंह सुरजेवाला, महासचिव, कांग्रेस - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस पार्टी ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। बात यहीं पर खत्म नहीं हुई। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने जैसे ही 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के तौर पर मनाने का निर्णय लिया, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने उन्हें 'करारदाद-ए पाकिस्तान' की बधाई के मुद्दे पर घेरने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, कांग्रेस नेता ने इस मौके पर 'फजलूल हक' की याद दिलाकर 'आरएसएस व भाजपा' को परेशानी में डाल दिया। 

विज्ञापन


उन्होंने पीएम को लेकर कहा कि पाकिस्तान जाकर वह दावत खाएं। बदनाम आईएसआई को हमारे देश में बुलाते हैं। जब चुनाव आते हैं तो बंटवारे की रट लगाने लगते हैं। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के चलते 'शमशान-कब्रिस्तान' दोहराने की तैयारी हो रही है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस यानी 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के तौर पर मनाने का निर्णय लिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार (14 अगस्त) दोपहर 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' बाबत अधिसूचना जारी कर दी। इसमें कहा गया कि भारत के लोग 'आजादी का अमृत महोत्सव' मनाते हुए अपनी प्रिय मातृभूमि के उन बेटे व बेटियों को नमन करते हैं, जिनको देश के विभाजन के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने पड़े। ऐसे में भारत सरकार भारत की वर्तमान और भावी पीढ़ियों को विभाजन के दौरान लोगों द्वारा सही गई यातना एवं वेदना का स्मरण दिलाने के लिए 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में घोषित करती है। 

इसके बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि उत्तर प्रदेश चुनावों की तैयारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू कर दी है। देश में 100 रुपये पार 'भराने का तेल' पहुंच गया है। '200' रुपये पार 'खाने का तेल' और 888 रुपये पार 'खाना बनाने की गैस' जा चुकी है। पूंजीपतियों की ड्योढ़ी पर किसानों के हकों को बेचकर तीन काले कानून 'पास करने के बाद' करोड़ों युवाओं को बेरोजगारी की दलदल में धकेल दिया गया। देश की संप्रभुता पर पेगासस के घातक हथियार से हमला करने के बाद भगवान प्रभु श्रीराम की आस्था को चंदा चोरी घोटाले से चोट पहुंचाने का प्रयास किया गया। अब उपलब्धियों के नाम पर मोदी जी के पास बताने को कुछ बचा नहीं है। उन्होंने फिर बंटवारे की तैयारी शुरू कर दी है। लगता है कि उत्तर प्रदेश चुनावों के चलते 'शमशान-कब्रिस्तान' दोहराने की तैयारी हो रही है। चुनाव नहीं होते हैं तो मोदी जी पाकिस्तान से प्यार जताते हैं। चुनाव आते ही पाकिस्तान के नाम की शरण में चले जाते हैं।  
विज्ञापन


कांग्रेस नेता ने कहा, पाकिस्तान को 'बंटवारा दिवस' की बधाई पीएम मोदी 22 मार्च को दे रहे थे, जबकि ट्विटर पर रुसवाई चलती है। 22 मार्च, 2021 को पीएम मोदी ने पाकिस्तान को भारत-पाकिस्तान बंटवारे के लिए चिट्ठी लिखकर बधाई दी थी। पाकिस्तान दिवस पर मोदी जी ने पाकिस्तान को अभिनंदन-बधाई संदेश भेजकर कहा था कि इस दिवस के उपलक्ष्य में ‘सारे पाकिस्तानी भाइयों को शुभकामनाएं।’ असल में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की बुनियाद इसी दिन रखी गई थी। इसी दिन 1940 में 22 से 24 मार्च तक चले अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के लाहौर सत्र में लाहौर प्रस्ताव (जिसे पाकिस्तान में 'करारदाद-ए पाकिस्तान' अर्थात 'पाकिस्तान संकल्पना' भी कहा जाता है) की पेशकश की गई थी। इसके आधार पर ही मुस्लिम लीग ने अलग देश के लिए आंदोलन शुरू किया था। सुरजेवाला बोले, 'अब आप कल्पना कीजिए कि भारत के प्रधानमंत्री 22 मार्च को इस दिवस की बधाई पाकिस्तान को देते हैं और चुनावी स्वार्थसिद्धि के लिए मगरमच्छी आंसू बहाते हैं।'

कांग्रेस नेता ने कहा कि 1940 में मुस्लिम लीग के जिस नेता फजलूल हक ने भारत के बंटवारे का प्रस्ताव पढ़ा था, उसी फजलूल हक के साथ मिलकर भाजपा के बुनियाद के पत्थर श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने 1942 में बंगाल में बर्तानिया हुकूमत की सरपरस्ती में सरकार बनाई थी। उन्होंने ही कांग्रेस के 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' आंदोलन के विरोध की रूपरेखा सुझाई थी। हमेशा से पीएम मोदी पाकिस्तान को 14 अगस्त के दिन बधाई देते रहे हैं। आज भाजपा यूपी के चुनावों में हार की कगार पर खड़ी है तो उन्हें इससे कारगर उपाय नहीं सूझ रहा है। वह पाकिस्तान में जाकर दावत खाते हैं और बदनाम आईएसआई को हमारे देश बुलाते हैं। पठानकोट एयरबेस पर पाकिस्तान प्रायोजित उग्रवादी हमले के बाद उस हमले की जांच के लिए मोदी सरकार ने पाकिस्तान की बदनाम आईएसआई को जांच के लिए बुलाया था। 

रणदीप के मुताबिक, सच्चाई यह है कि पठानकोट उग्रवादी हमला ही आईएसआई द्वारा करवाया गया था। 73 साल में पहली बार बिन बुलाए मेहमान के तौर पर 25 दिसंबर 2015 को पाकिस्तान में दावत खाने और जन्मदिन मनाने जाने वाले नरेंद्र मोदी इकलौते प्रधानमंत्री हैं। आज देश पूछ रहा है कि पेट्रोल डीजल के दाम कब घटाएंगे? खाने का तेल जेब की पहुंच में कब आएगा? पेगासस जासूसी से पर्दा कब उठाएंगे? कृषि विरोधी काले कानून कब वापस लिए जाएंगे और बेरोजगार युवा कब तक दर-दर की ठोकरें खाएंगे?

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें