कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृषि कानूनों के वापस लेने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद किसानों को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने लिखा, 'मेरे प्यारे अन्नदाताओं, आपके तप, संघर्ष और बलिदान के दम पर मिली ऐतिहासिक जीत की बहुत-बहुत बधाई। मैं आपके इस संघर्ष में 700 से अधिक किसान-मजदूर भाई-बहनों द्वारा दी गई कुर्बानी के लिए नतमस्तक हूं।'
दरअसल, पिछले करीब एक साल से केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को शुक्रवार की सुबह राहत की खबर मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलान किया कि तीनों कानूनों को वापस लिया जाएगा क्योंकि हम कुछ किसानों को इन कानूनों के फायदे समझाने में सफल नहीं हो पाए।
आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिजन को मिले 25 लाख का मुआवजा: सिद्धारमैया
वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा को किसानों की आजादी बताते हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आंदोलन के दौरान शहीद हुए प्रत्येक किसानों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने की शुक्रवार को मांग की।
सिद्धारमैया ने कई ट्वीट करके उन लोगों की प्रशंसा की जिन्होंने आंदोलन में शामिल होकर केंद्र को ‘किसान विरोधी कानून’ वापस लेने पर मजबूर किया।
उन्होंने कहा कि आखिरकार भाजपा को अपनी गलती का अहसास हुआ और किसान विरोधी कानून वापस लिए गए, अब समय है कि संघर्ष के दौरान शहीद हुए किसानों को न्याय दिया जाए। उन्होंने कहा, तानाशाह चाहे कितना भी कठोर क्यों न हो, लोकतंत्र में उसे लोगों के आगे अंतत: झुकना ही पड़ता है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच डी कुमारस्वामी ने भी प्रधानमंत्री के फैसले की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेना ऐतिहासिक है और यह किसानों की जीत है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में किसानों की मौत पर प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए थी।