भारत-कनाडा राजनयिक विवाद पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, आंतकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। संकट के समाधान के लिए गहन राजनयिक जुड़ाव मददगार होगा। हालांकि कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भारत-कनाडा राजनयिक विवाद पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई समझौतों से परे होनी चाहिए। साथ ही, कनाडा में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, कनाडा में तकरीबन 3 लाख से अधिक भारतीय मूल के छात्र पढ़ते हैं। उन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। वे सभी कनाडा के आर्थिक विकास और भारत-कनाडाई संबंधों में योगदान दे रहे हैं।
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश से जब राजनयिक विवाद पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि गहन कूटनीतिक भागीदारी इस संकट का एकमात्र हल है। मुझे यकीन है कि भारत सरकार इसमें शामिल हो रही है।
भारत ने आरोपों पर दिखाया था कड़ा रुख
जून में खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या पर दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। भारत ने गुरुवार को एक स्पष्ट संदेश में कनाडा से सक्रिय आतंकवादियों और भारत विरोधी तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही कड़ा रुख दिखाते हुए भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को निलंबित कर दिया हैा। साथ ही, भारत ने आरोपों को बेतुका बताकर खारिज कर दिया।
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भारत बोला, कनाडा अपने राजनयिक कर्मचारी कम करे
भारत ने कनाडा से देश में अपने राजनयिक कर्मचारियों को कम करने के लिए भी कहा है। यह तर्क देते हुए कि आपसी राजनयिक उपस्थिति में ताकत और रैंक समकक्षता में समानता होनी चाहिए। इसके साथ ही भारत ने भी एक कड़ी सलाह जारी की थी, जिसमें कनाडा की यात्रा करने वाले या वहां रहने वाले अपने नागरिकों से कनाडा में बढ़ती भारत विरोधी गतिविधियों को देखते हुए अत्यधिक सावधानी बरतने के लिए कहा था।