रोज 20-25 लाख टन कोयले की मांग
इस बीच कोयला मंत्रालय की तरफ से बिजली संयंत्रों में भेजे जाने वाले कोयले की हर रोज समीक्षा की जा रही है, ताकि कहीं भी कमी न हो पाए। कोल इंडिया ने संबंधित सभी कोयला कंपनियों को इसके उत्पादन और इसके डिस्पैच के तय लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं। कोल इंडिया का कहना है कि बिजली संयंत्रों से उन्हें हर रोज ही 20-25 लाख टन कोयले की मांग आ रही है, जबकि उन्हें बीते चार दिनों से 18 लाख टन कोयले की आपूर्ति की जा रही है। कोल इंडिया ने विश्वास जताया है कि आने वाले दिनों में वे हर रोज 20 लाख टन कोयला डिस्पैच कर सकेंगे। गौरतलब है कि सामान्य दिनों में एक माह के दौरान बिजली संयंत्रों को 40-45 मिलियन टन कोयले की जरूरत होती है।