फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnataka: कन्नड़ साइनबोर्ड लगाने को लेकर सीएम सिद्धारमैया ने बैठक की, बंगलूरू में मॉल के बाहर प्रदर्शन

Thu, 28 Dec 2023 02:57 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

बंगलूरू पुलिस ने बुधवार को कन्नड साइनबोर्ड का प्रयोग करने के लिए प्रदर्शन कर रहे कर्नाटक रक्षणा वेदिके (केआरवी) के एक सदस्य को हिरासत में लिया था।
विज्ञापन
CM Siddaramaiah - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दफ्तर और दुकानों में जबरन कन्नड़ साइनबोर्ड लगाने को लेकर गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में बृहत बंगलूरू महानगर पालिका (बीबीएमपी), शहर के प्राथमिक नगर निकाय और राज्य संस्कृति विभाग शामिल हुए है। सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन


इससे पहले बुधवार को फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफकेसीसीआई) ने सभी साइनबोर्ड पर 60 प्रतिशत से अधिक शब्द कन्नड़ में होने के बीबीएमपी के निर्देश पर चिंता जताई है। एफकेसीसीआई ने कहा कि वह हमेशा सरकार के फैसलों का पालन करेंगे। साथ ही अपने सदस्यों को बीबीएमपी के निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहेंगे।

एफकेसीसीआई का राज्य सरकार से अनुरोध
एफकेसीसीआई ने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि अगले साल 28 फरवरी के डेडलाइन से पहले वह इस मामले में कोई कार्रवाई न करें। एक बयान मं एफकेसीसीआई के अध्यक्ष रमेश चंद्र लहोती ने कहा, 'हमने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि वह 28 फरवरी के डेडलाइन से पहले कोई कार्रवाई न करें। साथ ही सरकार को इस पर ध्यान देने के लिए कहा है कि कोई व्यक्ति इस दौरान कानून को अपने हाथ में न ले।'
विज्ञापन


बंगलूरू में केआरवी का प्रदर्शन
बंगलूरू पुलिस ने बुधवार को कन्नड साइनबोर्ड का प्रयोग करने के लिए प्रदर्शन कर रहे कर्नाटक रक्षणा वेदिके (केआरवी) के एक सदस्य को हिरासत में लिया था। कर्नाटक रक्षणा वेदिके के प्रदेश अध्यक्ष टीए नारायण गौड़ा के नेतृत्व में जनजागरण विरोध प्रदर्शन किया गया था। केआरवी के प्रदर्शनकारियों ने बंगलूरू के मॉल ऑफ एशिया के बाहर अंग्रेजी में लिखे साइनबोर्ड तोड़ दिए और उनपर कालिख पोत दिए। 

केआरवी के अध्यक्ष ने बताया, 'कई लोग बाहर के राज्यों से बंगलूरू में व्यवसाय करने आते हैं, वे कन्नड़ में साइनबोर्ड लगाने के लिए तैयार नहीं है। अगर उन्हें बंगलूरू में रहना है तो कन्नड़ साइनबोर्ड लगाना होगा, नहीं तो उन्हें दूसरे राज्य में चले जाना चाहिए।' उन्होंने कर्नाटक सरकार के एक कानून का हवाला देते हुए कहा कि दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर 60 प्रतिशत साइनबोर्ड पर कन्नड़ अक्षर होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें