नए साल 2024 में मध्यप्रदेश की सरकारी कर्मचारी की बल्ले-बल्ले होने वाली है। राज्य की डॉ. मोहन यादव सरकार प्रदेश के साढ़े सात लाख सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की सौगात देने जा रही है। मध्यप्रदेश के वित्त विभाग ने महंगाई भत्ता बढ़ाने को लेकर प्रस्ताव तैयार भी लिया है और मुख्यमंत्री के सचिवालय को भेज दिया है।
अभी कर्मचारियों को 42 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। इसे बढ़ाकर 46 फीसदी किया जाना है। वित्त विभाग की अधिकारियों के अनुसार इस बढ़ोत्तरी के चलते राज्य सरकार पर 140 करोड़ रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त व्यय आएगा। वर्तमान में चल रहे वित्त वर्ष में सरकार को इसके लिए 480 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
केंद्र सरकार जुलाई 2023 से अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 4 फीसदी बढ़ाकर 46 फीसदी कर चुकी है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण इस पर निर्णय नहीं हो पाया था। राज्य सरकार ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के माध्यम से प्रस्ताव चुनाव आयोग को भेजा था, लेकिन मतदान तक रुकने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से मामला अटका हुआ है। सूत्रों का कहना है कि वित्त विभाग ने प्रस्ताव बनाकर अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया है। दरअसल, जनवरी में फिर केंद्र सरकार महंगाई भत्ते में वृद्धि कर सकती है। प्रतिवर्ष जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ता बढ़ाया जाता है।
उधर, वित्त विभाग ने वर्ष 2024-25 के लिए 56 फीसदी के हिसाब से महंगाई भत्ते का प्रावधान बजट में रखने की तैयारी की है। सभी विभागों को निर्देश गए हैं कि स्थापना व्यय में तीन फीसदी वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते व राहत के लिए 56 फीसदी के अनुसार प्रावधान रखा जाए। संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में आठ फीसदी की वृद्धि के हिसाब से प्रावधान रखा जाएगा। दरअसल, विधानसभा चुनाव के पहले शिवराज सरकार ने संविदा कर्मचारियों के वेतन-भत्ते बढ़ा दिए थे। इसके लिए अनुपूरक बजट में भी प्रावधान किया जाएगा।