लॉकडाउन के चौथे चरण में श्रमिकों और ट्रेनों को लेकर केंद्र सरकार और कुछ राज्य सरकारों के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना महामारी की वजह से देशभर में लगे लॉकडाउन में ढील के बाद पूरे देश में ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो चुकी है।
हालांकि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में अभी भी ट्रेनों के परिचालन पर शायद बात नहीं बन पाई है, यही कारण है कि ट्रेनों को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री, पश्चिम बंगाल सरकार और महाराष्ट्र सरकार में लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
ताजा मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को रेल मंत्रालय पर आरोप लगाया। ममता ने कहा, 'हमारी जानकारी के बिना, 36 ट्रेनें मुंबई से आ रही हैं। मैंने महाराष्ट्र के साथ बात की, उन्हें भी सूचना देर से मिली। रेलवे अपने दम पर इसकी योजना बना रहा है।'
ममता ने अम्फान तूफान का हवाला देते हुए कहा, बंगाल इस वक्त तूफान की तबाही से जूझ रहा है और रेलवे हर दिन श्रमिक स्पेशल ट्रेनें भेज रहा है। इससे कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी होगी। ममता ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए आगे कहा, 'वे मुझे राजनीतिक रूप से परेशान कर सकते हैं, वे राज्य को नुकसान क्यों पहुंचा रहे हैं।'
'यह राजनीति का समय नहीं, दखल दें प्रधानमंत्री'
ममता ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से अपील करती हूं कि स्थिति का ख्याल करें। मैं चाहती हूं प्रधानमंत्री इसमें दखल दें, यह राजनीति करने का समय नहीं है। बिहार और अन्य भाजपा शासित राज्यों में कोरोना के मामलों की संख्या में बढ़ोत्तरी आई है। यह एक देश है। वायरस को फैलने से रोकना होगा।'
उन्होंने कहा, मैंने अमित शाह से कहा था कि अगर आपको लगता है कि पश्चिम बंगाल स्वयं स्थिति नियंत्रित नहीं कर सकता है तो आपको आना चाहिए और स्थिति समंभालनी चाहिए। तब अमित शाह ने कहा कि चुनी हुई सरकार को हम कैसे तोड़ सकते हैं। मैं उन्हें यह कहने के लिए धन्यवाद देती हूं।