बंगाल : छह विश्वविद्यालयों में अंतरिम कुलपति नियुक्त
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने रविवार को छह राज्य संचालित विश्वविद्यालयों के लिए अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति की। बोस पश्चिम बंगाल में सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल ने प्रोफेसर अचिंत्य साहा को मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय, प्रोफेसर बीबी परिदा को एमजी विश्वविद्यालय, प्रोफेसर निखिल चंद्र रे को कूचबिहार पंचानन विश्वविद्यालय और प्रोफेसर रथिन बंद्योपाध्याय को अलीपुरद्वार विश्वविद्यालय का अंतरिम वीसी नियुक्त किया है। साथ ही बोस ने प्रोफेसर दिलीप मैती को बिस्वा बांग्ला विश्वविद्यालय और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी सीएम रवींद्रन को उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय का अंतरिम वीसी नियुक्त किया।
एयरटेल के पांच करोड़ 5जी ग्राहक
एयरटेल के 5जी ग्राहकों की संख्या 5 करोड़ के पार पहुंच गई है। देश के सभी जिलों मेंं इसकी सुविधा मिल रही है। कंपनी ने विश्वकप क्रिकेट से पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में लाइव स्ट्रीमिंग भी किया। इसकी 5जी की डाउनलोड गति 274.5 और अपलोड गति 26.3 एमबीपीएस की रही।
जीएसटी : आरपीएसजी ग्रुप के गिल्टफ्री को 39 करोड़ का नोटिस
संजीव गोयनका के आरपीएसजी ग्रुप के तहत एफएमसीजी (भोज्य पदार्थों का करोबार करने वाली कंपनी) फर्म गिल्टफ्री इंडस्ट्रीज लि. को 39.14 करोड़ रुपये का जीएसटी डिमांड नोटिस मिला।
नोटिस कोलकाता जोन कार्यालय से आया है। इस नोटिस राशि में ब्याज और जुर्माना भी शामिल है। टैक्स नोटिस कंपनी की ओर से उत्पादों के गलत वर्गीकरण का आरोप लगाते हुए जारी किया गया है। कंपनी ने रविवार को कहा कि वह नोटिस में उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए उचित कदम उठा रही है। गिल्टफ्री ने मुख्य रूप से पश्चिमी स्नैक्स पर ध्यान केंद्रित करते हुए एफएमसीजी क्षेत्र में 2017-18 में कदम रखा था।
वाइस एडमिरल सोबती ने संभाला नौसेना के उपप्रमुख का पदभार
नई दिल्ली। वाइस एडमिरल तरूण सोबती ने रविवार को नौसेना स्टाफ के उपप्रमुख का पदभार संभाल लिया। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने वाइस एडमिरल संजय महेंद्रू का स्थान लिया है, जो 38 साल से अधिक की शानदार सेवा के बाद 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हुए। अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम), विशिष्ट सेवा पदक (वीएसएम) वाइस एडमिरल तरुण सोबती एक जुलाई 1988 को नौसेना में शामिल हुए थे।
डीएचएफएल मामले में 18 ऑडिटरों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना
राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनी डीएचएफएल की विभिन्न शाखाओं के ऑडिट में पेशेवर कदाचार को लेकर 18 ऑडिटरों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यही नहीं प्राधिकरण ने इन्हें किसी कंपनी या संस्था में ऑडिट करने या ऑडिटर या इंटरनल ऑडिटर नियुक्त किए जाने पर भी छह से एक साल तक के लिए रोक लगा दी है। नियामक की तरफ से जारी अलग-अलग आदेशों के मुताबिक, 18 में से 4 को छह महीने और 14 ऑडिटरों को एक साल तक ऑडिट का काम करने से रोक दिया गया है।
डीएचएफएल के प्रमोटरों और निदेशकों की तरफ से लोगों के 31,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी से संबंधित मीडिया रिपोर्ट और अप्रैल 2020 में 3,700 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद एनएफआरए ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कंपनी के लेखापरीक्षा गुणवत्ता समीक्षा (एक्यूआर) का आदेश दिया था।