पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मंगलवार को राज्य की तृणमूल सरकार की आलोचना की और उसे भीड़ के हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। राज्यपाल ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है।
आज सुबह नई दिल्ली से उत्तर बंगाल पहुंचे बोस ने चोपड़ा का अपना दौरा रद्द किया, जहां एक दंपति को सार्वजनिक रूप से पीटा गया। इसके बजाय उन्होंने अन्य कथित अत्याचारों के कुछ के पीड़ितों से मुलाकात की। सिलीगुड़ी में पीड़ितों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, ऐसी घटनाएं राज्य सरकार के नेतृत्व, समर्थन और संरक्षण में हो रही हैं। इन घटनाओं के पीछे सत्तारूढ़ दल, नौकरशाह और भ्रष्ट पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने कहा, पीड़ितों से मिलने के बाद मुझे लग रहा है कि बंगाल अब महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है।
उधर, उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा में कथित रूप से अवैध संबंध बनाने के आरोप में जोड़े की पिटाई के मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता तजमुल इस्लाम के खिलाफ कई धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं। रविवार को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसके बाद तजमुल को गिरफ्तार कर लिया गया था। टीएमसी नेता तजमुल इस्लाम पर हत्या के प्रयास, एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सोमवार को एक स्थानीय अदालत ने उन्हें पांच दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया था। उनके खिलाफ हत्या समेत अन्य 12 पुराने आपराधिक मामले लंबित हैं। मंगलवार को राज्यपाल पीड़ितों से मिलने चोपड़ा जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने कूच बिहार में ही उनसे (पीड़ितों) मुलाकात की।
राज्यपाल ने सीएम से मांगी रिपोर्ट
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी होने के बाद इस मामले को लेकर विवाद खड़ा हो गया। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से रिपोर्ट मांगी। वहीं भाजपा ने टीएमसी पर राज्य में तालिबान शासन कायम करने का आरोप लगाया। राज्यपाल आज चोपड़ा जाकर पीड़ितों और स्थानीय लोगों से मिलने वाले थे, लेकिन उन्हें अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। उन्होंने कार्यक्रम रद्द करने का कारण भी बताया। दरअसल, पीड़ितों का कहना है कि वह फिलहाल अकेले रहना चाहते हैं।
राज्यपाल पीड़ितों से मिलने चोपड़ा जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने मंगलवार की सुबह कूच बिहार में उनसे मुलाकात की। आनंद बोस मंगलवार को नई दिल्ली से सीधे बागडोगरा पहुंचे और वहां से कूच बिहार के लिए रवाना हुए। कूच बिहार में उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की।
पीड़ितों से मुलाकात पर एक अधिकारी ने कहा, "पीड़ितों ने कूच बिहार में मिलने की इच्छा जताई और हम वहां पहुंच चुके थे। राज्यपाल ने पीड़ितों से मुलाकात की। अब वह चोपड़ा जाएंगे या नहीं यह उनके ऊपर निर्भर करता है।"
पीड़ितों से मिलने से पहले आनंद बोस ने बताया था कि पीड़ित कुछ समय के लिए अकेले रहना चाहते हैं। इसलिए वह उनकी भावना का सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा, "पीड़ित कुछ समय के लिए अकेले रहना चाहते हैं। मैं उनकी भावना का सम्मान करता हूं। जब भी पीड़ित मुझसे मिलना चाहेंगे, मैं उनसे मिलने वहां जाऊंगा या वह यहां आना चाहे तो मैं राजभवन में उनका स्वागत करूंगा। वह अपनी सुविधानुसार मुझसे मिल सकते हैं।"
राज्यपाल से मिलने के बाद पीड़ित ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "टीएमसी के लोगों ने हमें पीटा। मुझे निर्वस्त्र कर पीटा गया। मुझे ममता बनर्जी और पुलिस पर भरोसा नहीं है। मैं भाजपा से जुड़ी हूं।" न्याय मिलने की उम्मीद जताते हुए पीड़िता ने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है।"
इस मामले में एक आईपीएस अधिकारी ने बताया कि तजेमुल इस्लाम अपने इलाके का एक मजबूत व्यक्ति है। उसके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज है। 2021 में चोपड़ा में एक हत्या के मामले में उसका नाम सामने आया था। अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं। तजेमुल इस्लाम को टीएमसी विधायक हमीदुर रहमान का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है।