भारत में अमेरिका के अंतरिम राजदूत अतुल केशप और तिब्बती प्रतिनिधि न्गोडुप डोंगचेंग
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चीन ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के प्रतिनिधि से भारत में अमेरिका के अंतरिम राजदूत अतुल केशप की बैठक पर सख्त विरोध दर्ज कराया है। उसने बौखलाते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच कोई भी संपर्क तिब्बत को चीन का हिस्सा मानने की अमेरिकी प्रतिबद्धता का उल्लंघन है। चीन ने कहा, अमेरिका की ये हरकतें बार-बार उकसावा बढ़ाने वाली हैं और चीन के आंतरिक मामलों में दखल है।
भारत में चीनी दूतावास के प्रवक्ता वांग शियाओजियान ने कहा, अमेरिकी पक्ष और दलाई गुट के बीच किसी भी प्रकार का संपर्क तिब्बत को चीन का हिस्सा मानने और तिब्बती स्वायत्तता का समर्थन नहीं करने की अमेरिकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट उल्लंघन है। प्रवक्ता ने कहा कि निर्वासित तिब्बती सरकार एक अलगाववादी राजनीतिक संगठन है जो तिब्बत को एक आजाद क्षेत्र के रूप में स्वीकार करती है।
यह पूरी तरह से चीन के संविधान और कानूनों का उल्लंघन है और किसी भी देश द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है। चीन की यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त में आई जब मंगलवार को भारत में अमेरिकी प्रभारी ने तिब्बती प्रतिनिधि न्गोडुप डोंगचेंग से मुलाकात की और धार्मिक आजादी तथा तिब्बतियों की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए समर्थन की पुष्टि की। केशप से हुई मुलाकात से पहले डोंगचेंग अमेरिकी विदेश मंत्री से भी मिल चुके हैं।