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आखिरकार माना ड्रैगन: अरुणाचल से लापता लड़का चीन में मिला, वापसी के लिए प्रोटोकॉल का किया जाएगा पालन

Sun, 23 Jan 2022 12:17 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पहले चीनी विदेश मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश से किसी भी लड़के के अपहरण की सूचना से इंकार कर दिया था। हालांकि, अब चीनी सेना ने सूचित किया है कि लापता लड़का उन्हें मिल गया है। 
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मिराम तरोन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पिछले दिनों अरुणाचल प्रदेश से लापता हुआ एक 17 साल का लड़का चीन में मिल गया है। पीआरओ रक्षा, तेजपुर लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षवर्धन पांडे ने बताया कि चीनी सेना की ओर से सूचित किया गया है कि उन्हें लड़के के बारे में पता चल गया है। वह इस समय चीनी आर्मी के पास है और उसकी वापसी के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। 

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गौरतलब है कि इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय ने एक मीडिया ब्रीफिंग में लड़के को अपहरण किए जाने की बात सिरे से खारिज कर दी थी। चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि चीनी सेना- पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा किसी युवक के अपरहण किए जाने की कोई खबर नहीं है। हालांकि, मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि पीएलए अपनी सीमाओं की सुरक्षा करता है और अवैध घुसपैठ की कोशिशों पर लगाम लगाता है।

आई थी अपहरण की बात सामने 
पिछले दिनों सामने आया था कि कथित तौर पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अरुणाचल प्रदेश से लगती सीमा से एक 17 साल के बच्चे का अपहरण कर लिया था। राज्य के सांसद तापिर गाओ ने इस बारे में केंद्र को सूचित किया था। केंद्र सरकार ने कहा था कि उसने चीनी सेना को बच्चे का पता लगाने और प्रोटोकॉल के मुताबिक उसे वापस सौंपने को कहा है। रक्षा सूत्रों ने गुरुवार को बताया था कि अरुणाचल प्रदेश से 17 वर्षीय मिराम तरोन के लापता होने के बारे में सूचना मिलने पर भारतीय सेना ने तुरंत पीएलए से संपर्क किया था। पीएलए से उनके इलाके में उसका पता लगाने और उसे एएसटीडी प्रोटोकॉल के अनुसार वापस करने के लिए सहायता मांगी गई है।
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2020 में किया था पांच लोगों का अपहरण
इससे पहले सितंबर 2020 में भी चीन ने इसी तरह की हरकत की थी। पीएलए ने अरुणाचल के ऊपरी सुबनसिरी ज़िले से पांच लोगों का अपहरण कर लिया था। स्थानीय मीडिया की ओर से यह मामला उठाए जाने के बाद तत्कालीन गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने मामले को चीन के सामने रखा था और अपहृत लोगों की रिहाई सुनिश्चित करवाई थी। 

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