पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (फाइल फोटो)
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आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। तेलुगु देशम पार्टी के सुप्रीमो सहित पूर्व मंत्री पी नारायण और अन्य के खिलाफ सीआईडी ने सोमवार को 4400 करोड़ रुपये के अमरावती भूमि घोटाले में चार्जशीट दाखिल की। इसके साथ ही चार्जशीट में थुल्लुरू मंडल के पूर्व तहसीलदार एनी सुधीर बाबू और रामकृष्ण हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक केपीवी अंजनी कुमार (बाबी) के नाम भी शामिल हैं।
यह मामला आपराधिक साजिश, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, आंध्र प्रदेश निर्दिष्ट भूमि (स्थानांतरण का निषेध) अधिनियम, और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया था। वहीं, अगर बात करें पूर्व मंत्री पी नारायण की तो उन्होंने 2014 और 2019 के बीच टीडीपी सरकार में नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास मंत्री के रूप में काम किया था।
सीआईडी के अनुसार, नारायण ने अपने और अपने सहयोगियों के लिए 162 एकड़ तक आवंटित भूमि का अधिग्रहण किया था और नायडू के सहयोगियों ने भी राजधानी क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था। इसके अलावा, यह रेखांकित किया गया कि 1,336 नए लोगों ने आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एपीसीआरडीए) के तहत 946 एकड़ भूमि के लिए भूमि पूलिंग योजना के लाभों का दावा किया, जो वास्तव में 2014 के राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार विभिन्न व्यक्तियों के कब्जे में थे।
इस बीच, सीआईडी ने कहा कि रियाल्टार ब्रह्मानंद रेड्डी ने उन्हें अभियोजन पक्ष का गवाह (अनुमोदनकर्ता) मानने के लिए एसीबी कोर्ट से संपर्क किया, जिस पर अदालत विचार कर रही है।