बंगलूरू के रामेश्वरम कैफे में हुए धमाके में दस लोग घायल हुए हैं। आर अशोक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, मानसिकता बदलनी होगी। वे (कर्नाटक सरकार) 'ब्रांड बंगलूरू' की बात कर रहे हैं, लेकिन यह 'बम बंगलूरू' बन जाएगा। मैं सरकार से गंभीरता से कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं। (राज्य में) कोई कानून और व्यवस्था नहीं ह। यह सरकार ठीक से नहीं चल रही है।
विस्फोट के बाद कर्नाटक भाजपा प्रमुख बी विजयेंद्र ने भी सिद्धारमैया सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस घटना में पुलिस और खुफिया तंत्र पूरी तरह विफल रहे। भाजपा राज्य प्रमुख ने सरकार पर इस तरह के अपराधों को कमतर आंकने का आरोप लगाया और कहा कि वह राज्य को अराजकता में धकेल रही है। विजयेंद्र ने कहा कि इस घटना में पुलिस खुफिया तंत्र की विफलता भी स्पष्ट है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर बंगलूरू सेंट्रल से बीजेपी के लोकसभा सांसद पीसी मोहन ने कहा, विस्फोट के बारे में सुनकर चिंतित हूं। मेरी संवेदनाएं प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों के साथ हैं। अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे जांच करें और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
बंगलूरू दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि जनता मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जवाब मांग रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को रामेश्वरम कैफे विस्फोट घटना की जांच के लिए एजेंसियों को खुली छूट देनी चाहिए, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले पर बार-बार अपना बयान बदल रही है।
घटना का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए: सिद्धारमैया
मैसूरु में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, शुरुआती मुझे जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक दोपहर करीब 12 बजे के बाद कोई शख्स एक बैग रखकर चला गया था। विस्फोट उसी से हुआ है। फिलहाल सीसीटीवी और अन्य चीजों की जांच की जा रही है। घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और सभी को सहयोग करना चाहिए।
अटकलें नहीं लगाना चाहिए: गृह मंत्री जी परमेश्वर
इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईडी) विस्फोट की आशंका पर गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि फॉरेंसिक टीम ने नमूने एकत्र किए हैं। जांच के बाद ही पता चलेगा कि विस्फोट की प्रकृति क्या है। उन्होंने कहा, एक बैग की जानकारी है जिसमें विस्फोट हुआ, लेकिन हमें विभाग से सटीक जानकारी लेनी होगी। किसी संगठन या किसी चीज की संलिप्तता के बारे में अटकलें नहीं लगाना चाहिए।
गैस रिसाव की बात गलत: अग्निशमन विभाग
कर्नाटक राज्य अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के निदेशक टीएन शिवशंकर ने कहा, शुक्रवार को दोपहर 1.08 बजे हमारे विभाग को कैफे में एलपीजी रिसाव से आग लगने की सूचना मिली। जब हमारी टीम मौके पर पहुंचीं, तो वहां आग नहीं लगी थी। हां, एक बैग जरूर मिला। पूछताछ में पता चला कि जहां विस्फोट हुआ वहीं पर यह बैग पड़ा मिला। शिवशंकर ने कहा, मैंने अपने अधिकारियों की टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। अंदर एक और एलपीजी गैस सिलेंडर है। चाय और कॉफी के लिए इस्तेमाल होने वाली रसोई की भी जांच की गई लेकिन वहां से भी कोई रिसाव नहीं हुआ है। हमारी प्रारंभिक जांच के अनुसार मौके पर किसी भी सिलेंडर से गैस रिसाव का कोई संकेत नहीं है।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने देर रात बंगलूरू के दी रामेश्वरम कैफे का दौरा किया। बंगलूरू के व्हाइट फील्ड एरिया में इस कैफे में धमाका हुआ था। धमाके में नौ लोगों के घायल होने की सूचना है।
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) और बीजेपी नेता आर अशोक ने कहा, 'विधानसभा की घटना के तीन दिन बाद रामेश्वरम कैफै में धमाका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार परोक्ष रूप से इन घटनाओं का समर्थन कर रही है...हर जगह वे विफल रहे हैं...पहले ही फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट आ चुकी है'। राज्य के गृह मंत्री इसे जारी नहीं कर रहे हैं।
इस मामले में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, कुछ दिन पहले विधानसभा में जो कुछ हुआ, अगर कांग्रेस सरकार उस पर ध्यान देती तो यह घटना नहीं होती। यह एक आकस्मिक प्रतिक्रिया थी... हम इसकी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि रामेश्वरम कैफे में धमाका मामले की जांच एनआईए को करनी चाहिए... लोग इस घटना को बर्दाश्त नहीं करेंगे।