केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन
- फोटो : एक्स/डॉ. एल. मुरुगन
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने बुधवार को बताया कि केंद्र उन शिकायतों के बाद एक नई प्रसारण नीति तैयार कर रहा है, जिनमें कहा गया है कि ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म्स स्व-नियामक प्रथाओं का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार विभिन्न हितधारकों के साथ विस्तार से बातचीत कर रही है, ताकि निजी एफएम रेडियो चैनलों को समाचार बुलेटिन प्रसारित करने की अनुमति दी जा सके।
मुरुगन ने चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। इस कार्यक्रम में वह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एफएम रेडियो नीलामी पर एक बैठक में शामिल हुए थे। इस बैठक का आयोजन परामर्शदात्री समिति सिटी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने किया था। जिसमें चेन्नई के छह उद्योग संगठनों के सदस्य शामिल थे।
नई प्रसारण नीति तैयार के लिए संसद में पेश करेंगे प्रस्ताव: मुरुगन
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के नियमन से जुड़े एक सवाल के जवाब में मुरुगन ने कहा कि केंद्र ने आयु के अनुसार फिल्मों के वर्गीकरण जैसी स्व-नियमन प्रथाओं को पेश किया है। उन्होंने कहा, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स आमतौर पर यह डिस्क्लेमर दिखाते हैं कि यह 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए है। इसमें हिंसा के दृश्य हो सकते हैं। तो ए प्रमाणपत्र दिया जाएगा। यानी इस फिल्म को माता-पिता के मार्गदर्श के साथ देखा जा सकता है। इस प्रकार के वर्गीकरण हैं। लेकिन हमें जनता और उद्योग से शिकायतें मिलीं कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स स्व-नियमन की प्रथाओं का पालन नहीं कर रहे हैं। इसलिए मंत्रालय एक नई प्रसारण नीति तैयार कर रहा है, जो जनता और अन्य हितधारों से विचार प्राप्त करने के लिए सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है। सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल मुरुगन ने कहा, ओटीटी सामग्री को विनियमित करने के लिए सुझाव और उद्योग से जानकारी हासिल करने के बाद हम इसे संसद में पेश करेंगे।
निजी एफएम चैनलों को समाचार प्रसारित करने की अनुमति देने के सवाल पर मुरुगन ने कहा कि इस पर विस्तार से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, हम सभी हितधारकों से मिली जानकारी का विश्लेषण करने के बाद फैसला लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ चयनित शहरों में कन्नूर, तिरुवन्नामलाई, थंजावुर और कन्याकुमारी शामिल हैं। आवेदन की फीस 50 हजार रुपये तय की गई है। नीलामी प्रक्रिया 28 अक्तूबर को शास्त्री भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक पूर्व-नीलामी बैठक के बाद 10 जनवरी 2025 के आसपास शुरू होने की उम्मीद है।