देश में उर्वरकों की कमी की आशंका को प्रकट करतीं कुछ खबरों को केंद्र सरकार ने अफवाह बताया है और किसानों से अनुरोध किया है कि वह उर्वरकों की जमाखोरी न करें क्योंकि नवंबर में इनकी आपूर्ति मांग से भी ज्यादा रहने वाली है।
रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को उर्वरकों को लेकर किसानों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि नवंबर में यूरिया और डीएपी समेत उपज के लिए पोषक तत्वों की मांग से अधिक आपूर्ति की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि उर्वरक की कमी की अफवाहों पर कतई ध्यान न दें और इसकी जमाखोरी न करें।
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मंडाविया ने राज्य सरकारों से कहा कि उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। ट्विटर पर एक वीडियो संदेश के जरिए मंडाविया ने बताया कि मैंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता जाववे के लिए उर्वरक विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। गेहूं और सरसों के साथ रबी फसलों की बुवाई पिछले महीने ही शुरू हो गई थी।
देश में उर्वरकों की कमी होने की खबरों को अफवाह करार देते हुए मंडाविया ने कहा कि विभाग ने नवंबर महीने के लिए 76 लाख टन यूरिया उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। वहीं, राज्यों की ओर से इस संबंध में आई मांग करीब 41 लाख टन है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नवंबर महीने में उर्वरकों की आवश्यता से अधिक आपूर्ति करने जा रही है। लोगों को भ्रम में नहीं आना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि 17 लाख टन डीएपी (डाई अमोनियम सल्फेट) की अनुमानित मांग के मुकाबले 18 लाख टन डीएपी उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा इस महीने 30 लाख टन एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम) पोषक तत्वों की आपूर्ति की जाएगी और इसकी मांग करीब 17 टन है। मंडाविया ने कहा, मुझे विभिन्न राज्यों से उर्वरकों की कालाबाजारी होने की जानकारी मिली है।