इस बार स्वतंत्रता दिवस पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के हेड कांस्टेबल काले सुनील दत्तात्रेय और जम्मू-कश्मीर पुलिस के सबइंस्पेक्टर अमरदीप को राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक (पीपीएमजी) से सम्मानित किया जाएगा। पिछले साल 23 जुलाई को पुलवामा में आतंकी हमले के दौरान शहीद हुए हेड कांस्टेबल काले को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जाएगा।
इनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के 1-1 कर्मी को पीपीएमजी के अलावा, 628 जवानों को पुलिस वीरता पदक (पीएमजी), 88 को विशिष्ट सेवा राष्ट्रपति पुलिस पदक (पीपीएम) और 662 को उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक (पीएम) दिया जाएगा।
इनमें 398 जवानों को जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में आतंकियों का मुकाबला करने के लिए, 155 जवानों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वीरता के लिए और 27 जवानों को पूर्वोत्तर क्षेत्र उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया जा रहा है।
गलवां घाटी के बहादुर आईटीबीपी जवानों को पुलिस वीरता पदक
केंद्र सरकार ने पहली बार एक साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के 23 जवानों को पुलिस वीरता पदक देने की घोषणा की है, जिनमें 20 जवानों को पूर्वी लद्दाख में पिछले साल चीनी सेना के साथ मई-जून में हुए हिंसक संघर्ष में दिखाए अदम्य साहस के लिए पुलिस वीरता पदक मिलेगा।
इन 20 में गलवां घाटी में 15 जून, 2020 को मातृभूमि की रक्षा करने वाले 8 जवान, फिंगर-4 एरिया में 18 मई, 2020 को हुए हिंसक संघर्ष में शामिल 6 जवान और हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में 18 मई, 2020 को साहसिक कार्रवाई करने वाले 6 जवान शामिल हैं। इनके अलावा शेष 3 आईटीबीपी जवानों को छत्तीसगढ़ में नक्सल अभियानों में बहादुरी के लिए पुलिस वीरता पदक मिलेगा।
वीरता पदक पाने वाले प्रमुख राज्य
पीएमजी पाने वाले 628 जवानों में 256 जम्मू-कश्मीर पुलिस के, 151 सीआरपीएफ के, 23 आईटीबीपी के, 67 ओडिशा पुलिस के, 25 महाराष्ट्र के और 20 छत्तीसगढ़ के हैं। इनके अलावा दिल्ली के 6, हरियाणा के 2, पंजाब का एक और उत्तर प्रदेश के 9 जवान शामिल हैं।
पीपीएम पाने वाले 88 पुलिसकर्मियों में जम्मू-कश्मीर, पंजाब व दिल्ली से 2-2, उत्तर प्रदेश के 4, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व लद्दाख से 1-1 नाम शामिल है। पीएम पाने वाले 662 पुलिसकर्मियों में उत्तर प्रदेश के 73, दिल्ली के 15, हरियाणा के 11, हिमाचल प्रदेश के 3, जम्मू-कश्मीर के 16, पंजाब के 13 और उत्तराखंड के 5 हैं।
मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजे गए जम्मू-कश्मीर पुलिस के एएसआई बाबूराम
जम्मू-कश्मीर पुलिस के शहीद सहायक सबइंस्पेक्टर बाबूराम को मरणोपरांत अशोक चक्र और शहीद कांस्टेबल अल्ताफ हुसैन भट को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से नवाजा गया है।
आजादी की 75वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर शनिवार को दोनों के नामों की घोषणा की गई। शांतिकाल में दिए जाने वाले वीरता सम्मानों में अशोक चक्र पहले नंबर पर, कीर्ति चक्र दूसरे नंबर पर और शौर्य चक्र तीसरे नंबर पर आता है।
केंद्र सरकार के मुताबिक, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सैन्य बलों, पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों के 144 जवानों को वीरता सम्मानों से नवाजे जाने की घोषणा की। इनमें एक अशोक चक्र, एक कीर्ति चक्र, 15 को शौर्य चक्र (चार को मरणोपरांत), चार को बार टू सेना मेडल, 116 को सेना पदक, पांच नौसेना पदक और दो वायुसेना पदक शामिल हैं।
इनके अलावा राष्ट्रपति ने 28 सैन्य जवानों को विभिन्न सैन्य अभियानों में बेहतरीन योगदान के लिए मेंशन-इन-डिस्पैच की मंजूरी भी दी है। इनमें से 3 जवानों को ऑपरेशन रक्षक के लिए मरणोपरांत यह सम्मान मिलेगा।
इन्हें मिला शौर्य चक्र
भारतीय सेना- जम्मू-कश्मीर में आतंक विरोधी अभियानों के लिए मेजर अरुण कुमार पांडेय, मेजर रवि कुमार चौधरी, कैप्टन आशुतोष कुमार (मरणोपरांत), कैप्टन विकास खत्री, राइफलमैन मुकेश कुमार और सिपाही नीरज अहलावत को शौर्य चक्र मिला है।
भारतीय नौसेना- कैप्टन सचिन रूबेन सिकुएरा।
भारतीय वायुसेना- ग्रुप कैप्टन कमांडर परमिंदर अंतिल और विंग कमांडर वरुण सिंह।
पुलिस व अन्य- चितेश कुमार, मनजिंदर सिंह व सुनील चौधरी (सभी सीआरपीएफ), ओडिशा पुलिस के कमांडो देबाशीष सेठी (मरणोपरांत), सुधीर कुमार तुडु (मरणोपरांत) व जम्मू-कश्मीर पुलिस के शाहबाज अहमद।