वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सभी चिह्नित औद्योगिक इकाइयों का संचालन पीएनजी (पाइपलाइन द्वारा प्राकृतिक गैस की आपूर्ति) से करने के लिए एक समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
बृहस्पतिवार को जारी निर्देशों के अनुसार, आयोग ने तीनों राज्यों को एनसीआर में औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी की आपूर्ति के लिए एक कार्य योजना विकसित करने के लिए भी कहा है, जहां बुनियादी ढांचा और गैस की आपूर्ति उपलब्ध नहीं है।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा
हरियाणा के एनसीआर जिलों में, 1,469 चिह्नित औद्योगिक इकाइयों में से 408 में पहले ही पीएनजी का प्रयोग शुरू कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में, एनसीआर में ऐसी 2,273 में से 1,161 इकाइयां अब पीएनजी पर चल रही हैं। वहीं, राजस्थान में ऐसी 436 में से केवल 124 में ही अब तक पीएनजी का इस्तेमाल हो रहा है।
आयोग ने इन राज्यों को उन उद्योगों का ऑडिट एवं निरीक्षण करने के लिए कहा है, जो पहले से ही पीएनजी आपूर्ति से जुड़े हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि ये इकाइयां किसी अन्य प्रदूषणकारी ईंधन जैसे कोयला आदि का उपयोग नहीं कर रही हों।
राज्यों को एनसीआर क्षेत्र में गैर-अनुमोदित ईंधन के उपयोग को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने और चूक करने वाली इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है। तीनों राज्य को आयोग को अनुपालन रिपोर्ट सौंपने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया है।